खेल की खबरें | याराजी, साबले और महिला रिले टीम ने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. भारत के लिए एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गुरुवार का दिन स्वर्णिम रहा तथा महिला बाधा दौड़ की नंबर एक धाविका ज्योति याराजी, राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी स्टीपलचेज धावक अविनाश साबले और महिलाओं की चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीते।

गुमी (दक्षिण कोरिया), 29 मई भारत के लिए एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गुरुवार का दिन स्वर्णिम रहा तथा महिला बाधा दौड़ की नंबर एक धाविका ज्योति याराजी, राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी स्टीपलचेज धावक अविनाश साबले और महिलाओं की चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीते।

ज्योति और साबले के शानदार प्रदर्शन के बाद जिस्ना मैथ्यू, रूपल चौधरी, कुंजा राजिता और सुभा वेंकटेशन की चौकड़ी ने महिलाओं की चार गुणा 400 मीटर रिले स्पर्धा में सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ समय (3:34.18 सेकंड) निकालकर स्वर्ण पदक जीता और महाद्वीपीय चैंपियनशिप के तीसरे दिन भारत का दबदबा कायम रखा।

यह इस स्पर्धा में भारत का कुल मिलाकर 10वां और 2013 के बाद पहला स्वर्ण पदक था। भारत ने गुरुवार को कुल मिलाकर तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीता, जिससे उसके कुल पदकों की संख्या 14 हो गई। हालांकि भारी तूफान के कारण प्रतियोगिता में बाधा भी पड़ी थी।

भारत पदक तालिका में चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। चीन ने 12 स्वर्ण पदक सहित 21 पदक जीते हैं।

महिलाओं की चार गुणा 400 मीटर रिले स्पर्धा में वियतनाम ने 3:34.77 सेकंड के साथ रजत पदक, जबकि श्रीलंका ने 3:36.67 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीता।

जय कुमार, धर्मवीर चौधरी, मनु थेक्किनालिल साजी और विशाल टीके की पुरुष चार गुणा 400 मीटर रिले टीम भी स्वर्ण पदक की दावेदार थी, लेकिन उन्हें 3:03.67 सेकंड के समय के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा, जो अब तक उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।

कतर (3:03.52 सेकंड) ने स्वर्ण पदक, जबकि चीन (3:03.73 सेकंड) ने कांस्य पदक जीता।

इससे पहले साबले सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए की 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले 36 साल में पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए।

सितंबर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए पहले ही क्वालीफाई कर चुके साबले ने कहा, ‘‘मुझे स्वर्ण पदक जीतने का पूरा विश्वास था क्योंकि सभी खिलाड़ियों में मेरा प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ था।’’

इसके तुरंत बाद ज्योति ने महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए 12.96 सेकंड का चैम्पियनशिप का नया रिकॉर्ड बनाते हुए इस प्रतियोगिता में अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता। पिछला रिकॉर्ड 13.04 सेकंड का था, जिसे 1998 में कजाकिस्तान की ओल्गा शिशिगिना और 2011 में चीन की सन यावेई ने बनाया था।

ज्योति ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद कहा, ‘‘ हमारे लिए आज का दिन बहुत अच्छा रहा। मुझे खुशी है कि मैं इस सत्र में 13 सेकंड का बैरियर तोड़ने में सफल रही।’’

साबले ने आठ मिनट 20.92 सेकंड (8:20.92 सेकंड) का समय लेकर पहला स्थान हासिल किया। यह एशियाई चैंपियनशिप में उनका दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 2019 में रजत पदक जीता था। उनका आज का प्रदर्शन हालांकि 2024 में हासिल किए गए उनके 8:09.91 सेकंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड के कहीं भी करीब नहीं था।

भारत की तरफ से इससे पहले दीनाराम ने 1989 में इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। हरबेल सिंह 1975 में पुरुषों की स्टीपलचेज स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय थे।

ज्योति ने 2023 में एशियाई चैंपियनशिप में 13.09 सेकंड के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 12.78 सेकंड है जो राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है।

एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता ज्योति एशियाई चैंपियनशिप की 100 मीटर बाधा दौड़ में स्वर्ण पदक का बचाव करने वाली पांच एथलीटों के चुनिंदा क्लब में शामिल हो गईं। उनसे पहले यह उपलब्धि जापान की एमी अकीमोटो (1979, 1981, 1983) तथा चीन की तीन खिलाड़ियों झांग यू (1991, 1993), सु यिनपिंग (2003, 2005) और सुन यावेई (2009, 2011) ने हासिल की थी।

ज्योति से पहले साबले ने अपनी पसंदीदा स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते स्वर्ण पदक जीता और चैंपियनशिप में भारत की स्थिति मजबूत की।

जापान के युतारो नीनाए ने 8:24.41 सेकंड के साथ रजत पदक जीता। वह अंतिम लैप की शुरुआत में आगे चल रहे थे, लेकिन साबले ने शानदार प्रयास करते हुए उन्हें पीछे छोड़ दिया और स्वर्ण पदक हासिल किया।

कतर के जकारिया इलाहलामी ने 8:27.12 सेकंड का समय लेकर कांस्य पदक जीता।

ज्योति और साबले के कारनामों के बाद, जिस्ना, रूपल, कुंजा और सुभा की चौकड़ी ने भारत के लिए दिन में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक सुनिश्चित की। यह रूपल का तीसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने चैंपियनशिप में मिश्रित टीम स्वर्ण और व्यक्तिगत 400 मीटर रजत जीता था। सुभा का मिश्रित रिले स्पर्धा के बाद यह दूसरा स्वर्ण है।

महिलाओं की लंबी कूद में एन्सी सोजन एडापिल्ली (6.33 मीटर) और शैली सिंह (6.30 मीटर) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीता। वे ईरान की रेहानेह मोबिनी अरानी से पीछे रहीं, जिन्होंने 6.40 मीटर की दूरी तय की। शैली का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा क्योंकि उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6.76 मीटर है।

भारत को शुक्रवार को एक और स्वर्ण पदक मिल सकता है, क्योंकि नंदिनी अगासरा चार स्पर्धाओं के बाद 3610 के कुल स्कोर के साथ शीर्ष पर हैं।

महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ के फाइनल में भारत की संजीवनी जाधव ने 33 मिनट 8.17 सेकेंड का अपना सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पांचवां स्थान हासिल किया जबकि सीमा 33 मिनट 08.23 सेकेंड के समय से छठे स्थान पर रहीं।

इस स्पर्धा में कजाकिस्तान की डेजी जेपकेमी (30 मिनट 48.44 सेकेंड) ने दबदबा बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता। जापान की रिरिरक हिरोनिका (30 मिनट 56.32 सेकेंड) और मिकुनी याडा (31 मिनट 12.21 सेकेंड) क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं।

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