कोलकाता, 26 नवंबर अगस्त में एक नये विद्यार्थी की मौत में कथित रूप से शामिल यादवपुर विश्वविद्यालय के छह छात्रों पर अनिश्चितकाल के लिए परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है। यह कदम विश्वविद्यालय की एंटी-रैगिंग’ समिति द्वारा की गई सिफारिश के दो माह बाद उठाया गया है। समिति ने विद्यार्थियों के विश्वविद्यालय में प्रवेश पर रोक की सिफारिश की थी।
ये सभी छात्र फिलहाल न्यायिक हिरासत में प्रेसीडेंसी जेल में हैं।
विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार स्नेहमंजू बसु ने 24 नवंबर को जारी एक अधिसूचना में कहा कि जबतक ये छह विद्यार्थी उनपर लगे आरोपों से विधिवत बरी नहीं हो जाते तबतक उन्हें छात्रावास समेत विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
वैसे तो विश्वविद्यालय के शीर्ष निर्णायक निकाय कार्यकारी परिषद ने अक्टूबर में ही इन छह विद्यार्थियों पर पाबंदी की ‘एंटी-रैगिंग’ समिति की सिफारिश मंजूर कर ली थी लेकिन संबंधित अधिसूचना दो दिन पहले ही जारी की गयी है।
बसु से उनके कार्यालय द्वारा अधिसूचना जारी करने में हुई देरी के बारे में संपर्क नहीं किया जा सका है।
यादवपुर विश्वविद्यालय के मुख्य छात्रावास में भारी रैगिंग के बाद नौ अगस्त को एक नया विद्यार्थी बालकनी से गिर गया था और अगली सुबह एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गयी थी।
नये विद्यार्थी की मौत के सिलसिले में अबतक 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें स्नातोकोत्तर के विद्यार्थी एवं एक पीएचडी शोधवेत्ता भी शामिल हैं। यह शोधवेत्ता छात्रावास का विद्यार्थी नहीं होने के बाद भी वहां ठहरा था।
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