India-China Relation: शी चिनफिंग ने संबंधों को सुधारने के लिए मोदी के सुझावों पर ‘सैद्धांतिक रूप से’ सहमति जताई
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बुधवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बैठक के दौरान भारत-चीन संबंधों को बेहतर बनाने के लिए दिए गए सुझावों पर “सैद्धांतिक रूप से” सहमति व्यक्त की. सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अपनी खबर में यह जानकारी दी.
कजान/बीजिंग, 24 अक्टूबर : चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बुधवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बैठक के दौरान भारत-चीन संबंधों को बेहतर बनाने के लिए दिए गए सुझावों पर “सैद्धांतिक रूप से” सहमति व्यक्त की. सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अपनी खबर में यह जानकारी दी. खबर के मुताबिक, रूसी शहर कजान में 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बैठक में चिनफिंग ने कहा कि चीन-भारत संबंध मूलतः इस बात को लेकर हैं कि 1.4 अरब की आबादी वाले दो बड़े विकासशील और पड़ोसी देश एक-दूसरे के साथ कैसा व्यवहार करते हैं. शी ने कहा कि चीन और भारत को एक-दूसरे के प्रति ठोस रणनीतिक धारणा बनाए रखनी चाहिए तथा दोनों बड़े पड़ोसी देशों को सद्भावनापूर्ण तरीके से रहने और साथ-साथ विकास करने के लिए “सही और उज्ज्वल मार्ग” खोजने के वास्ते मिलकर काम करना चाहिए.
दोनों नेताओं ने सीमा क्षेत्रों में मुद्दों के समाधान के लिए गहन संवाद के माध्यम से दोनों पक्षों द्वारा हाल ही में की गई महत्वपूर्ण प्रगति की सराहना की.
समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया, “मोदी ने संबंधों को सुधारने और विकसित करने के लिए सुझाव दिए, जिन पर शी ने सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई.” शी ने कहा कि विकास अब चीन और भारत का सबसे बड़ा साझा लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को अपनी महत्वपूर्ण सहमतियों को कायम रखना चाहिए, जिसमें यह भी शामिल है कि चीन और भारत एक दूसरे के लिए खतरा नहीं बल्कि विकास का अवसर हैं, तथा प्रतिस्पर्धी नहीं बल्कि सहयोगी हैं. यह पांच वर्षों में दोनों नेताओं के बीच पहली बैठक है. चीनी समाचार एजेंसी ने दावा किया कि दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि विशिष्ट असहमतियों से समग्र संबंधों पर असर नहीं पड़ेगा. दोनों नेताओं का मानना है कि उनकी मुलाकात रचनात्मक रही और इसका बहुत महत्व है. यह भी पढ़ें : उत्तर कोरिया ने सियोल के राष्ट्रपति भवन परिसर में एक बार फिर कचरे से भरे गुब्बारे गिराए
समाचार एजेंसी ने कहा कि वे चीन-भारत संबंधों को रणनीतिक ऊंचाई और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य से देखने और संभालने, तथा क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और समृद्धि को बनाए रखने और दुनिया में बहुलता को आगे बढ़ाने में योगदान देने पर सहमत हुए. इससे पहले सरकारी चैनल सीजीटीएन ने शी के हवाले से बताया कि उन्होंने मोदी से कहा कि भारत और चीन को संवाद और सहयोग को मजबूत करना चाहिए तथा अपने मतभेदों और असहमतियों को उचित तरीके से सुलझाना चाहिए. शी ने कहा कि चीन और भारत को एक-दूसरे की विकास आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करनी चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 24, 2024 01:02 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

