बीजिंग, पांच फरवरी चीन और पाकिस्तान ने सीपीईसी परियोजनाओं में कार्यरत चीनी कर्मियों पर बार-बार होने वाले आतंकवादी हमलों से निपटने के लिए खुफिया जानकारी साझा करने और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
दोनों देशों के बीच यह सहमति राष्ट्रपति शी चिनफिंग की बुधवार को यहां अपने पाकिस्तानी समकक्ष आसिफ अली जरदारी के साथ हुई बातचीत के दौरान बनी।
शी ने चीन की पांच दिवसीय यात्रा पर आए जरदारी से मुलाकात की, जबकि पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और उनके चीनी समकक्ष की क्वी यानजुन ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादी समूहों द्वारा किए जा रहे हमलों से निपटने के लिए विस्तृत चर्चा की। ये समूह 60 अरब डॉलर के चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) का विरोध कर रहे हैं।
भारत ने भी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से गुजरने की वजह से सीपीईसी को लेकर अपना विरोध जताया है।
चीन के शिनजियांग को पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ने वाले सीपीईसी को पाकिस्तानी नेताओं ने एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम बताया था, लेकिन इस परियोजना के कारण दोनों देशों के बीच तनाव भी पैदा हो गया है, क्योंकि बीजिंग सीपीईसी परियोजनाओं पर काम कर रहे सैकड़ों चीनी कर्मियों पर बार-बार हो रहे हमलों से चिंतित है।
पाकिस्तानी मीडिया की खबर के मुताबिक नकवी और उनके चीनी समकक्ष के बीच यह बातचीत दो घंटे तक चली और यह बातचीत पाकिस्तान में काम कर रहे चीनी कर्मियों पर हमलों की पृष्ठभूमि में हुई, जिससे चीन नाराज है। चीन की नाराजगी के मद्देनजर पाकिस्तान सरकार को संयुक्त सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के लिए औपचारिक वार्ता शुरू करना पड़ा है।
पाकिस्तान कथित तौर पर चीनी सैनिकों के देश में तैनात करने के खिलाफ है, क्योंकि इससे देश पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की खबर के मुताबिक नकवी और क्वी ने राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा बीजिंग और इस्लामाबाद पुलिस बलों के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।
यहां जरदारी के साथ अपनी बैठक में शी ने कहा कि चीन और पाकिस्तान ने एक-दूसरे को ‘‘दृढ़ राजनीतिक समर्थन’’ दिया है और उनके बीच ‘‘अटूट’’ मित्रता है।
सरकारी मीडिया के अनुसार शी ने कहा कि चीन और पाकिस्तान के बीच अटूट मित्रता है और वे सर्वकालिक रणनीतिक सहयोगी साझेदार हैं।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में दोनों देशों ने एक-दूसरे को दृढ़ राजनीतिक समर्थन प्रदान किया है, उच्च स्तरीय आदान-प्रदान को बनाए रखा है तथा सीपीईसी के निर्माण और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया है।
जरदारी ने मंगलवार को नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति के अध्यक्ष झाओ लेजी से मुलाकात की।
पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी एपीपी की खबर के मुताबिक दोनों नेताओं ने चीन-पाकिस्तान संबंधों की आधारशिला के रूप में रणनीतिक आपसी विश्वास को रेखांकित किया।
जरदारी के साथ उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार और नकवी सहित अन्य अधिकारी भी आए हैं।
जरदारी उन चार नेताओं में शामिल हैं जिन्हें चीन ने हार्बिन में 9वें एशियाई शीतकालीन खेलों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। इसे चीनी विदेश मंत्रालय ने ‘‘2022 बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के बाद चीन द्वारा आयोजित एक और प्रमुख व्यापक अंतरराष्ट्रीय शीतकालीन खेल आयोजन’’ के रूप में वर्णित किया था।
आमंत्रित नेताओं में जरदारी के अलावा किर्गिस्तान, ब्रुनेई और थाईलैंड के राष्ट्राध्यक्ष भी शामिल थे।
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