यह प्रतिनिधिमंडल कोरोना वायरस महामारी की उत्पत्ति की जांच के लिए चीन गया था।
स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि पीटर बेन एम्बारेक को पिछले साल बर्खास्त कर दिया गया था।
डब्ल्यूएचओ का कहना है कि उसने हाल के महीनों में मीडिया में कई मामलों और घटनाओं की सूचना मिलने के बाद यौन शोषण, प्रताड़ना और उत्पीड़न को जड़ से खत्म करने के प्रयास तेज कर दिये हैं।
प्रवक्ता मार्सिया पूले ने एक ईमेल में कहा, “पीटर बेन एम्बारेक को उनके खिलाफ यौन कदाचार के निष्कर्षों और संबंधित अनुशासनात्मक प्रक्रिया के बाद बर्खास्त कर दिया गया था।”
उन्होंने कहा, “निष्कर्ष 2015 और 2017 से संबंधित आरोपों से जुड़े हैं जो पहली बार 2018 में डब्ल्यूएचओ की जांच टीम को प्राप्त हुए थे।”
उन्होंने कहा कि अन्य आरोपों की पूरी तरह से जांच नहीं की जा सकी क्योंकि “पीड़ित जांच प्रक्रिया में शामिल नहीं होना चाहते थे।”
बेन एम्बारेक ने बृहस्पतिवार को उनके मोबाइल फोन पर किये गये कॉल या टेक्स्ट संदेश का तुरंत जवाब नहीं दिया। यह खबर सबसे पहले ‘द फाइनेंशियल टाइम्स’ ने दी थी।
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