देश की खबरें | विश्व चैम्पियन राइफल निशानेबाज रूद्रांक्ष और मोदगिल को प्रेसिडेंट्स कप के चेक का इंतजार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत के युवा विश्व चैम्पियन राइफल निशानेबाज रूद्रांक्ष पाटिल को नहीं पता कि उन्हें प्रतिष्ठित प्रेसिडेंट्स कप जीतने के लिये 15,000 यूरो (करीब 13.25 लाख रूपये) राशि का चेक का कब मिलेगा और ऐसा अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी महासंघ (आईएसएसएफ) में सत्ता परिवर्तन के कारण हुआ है।

नयी दिल्ली, 16 दिसंबर भारत के युवा विश्व चैम्पियन राइफल निशानेबाज रूद्रांक्ष पाटिल को नहीं पता कि उन्हें प्रतिष्ठित प्रेसिडेंट्स कप जीतने के लिये 15,000 यूरो (करीब 13.25 लाख रूपये) राशि का चेक का कब मिलेगा और ऐसा अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी महासंघ (आईएसएसएफ) में सत्ता परिवर्तन के कारण हुआ है।

आईएसएसएफ प्रेसिडेंट्स कप में प्रत्येक व्यक्तिगत ओलंपिक स्पर्धा के 12 शीर्ष एथलीट 2022 विश्व रैंकिंग के हिसाब से हिस्सा लेते हैं जिसकी पुरस्कार राशि इस साल 792,000 यूरो थी। प्रत्येक स्पर्धा में 66,000 यूरो की पुरस्कार राशि थी जिसमें विजेता को 15,000 यूरो मिलने थे।

दुनिया के नंबर एक निशानेबाज रूद्रांक्ष ने तीन दिसंबर को कैरो में साल के अंतिम आईएसएसएफ प्रेसिडेंट्स कप 2022 की पुरूष 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में इटली के दानिलो सोलाजो को हराकर पहला स्थान हासिल किया था।

लेकिन इस 19 साल के निशानेबाज को अभी तक यह पुरस्कार राशि नहीं मिली है क्योंकि विश्व संचालन संस्था आईएसएसएफ के प्रमुख व्लादिमीर लिसिन अपनी वित्तीय प्रतिबद्धता पूरी करने में असफल रहे हैं जिन्हें वैश्विक संचालन संस्था के प्रमुख पद से हटा दिया।

एक अन्य भारतीय निशानेबाज अंजुम मोदगिल ने 50 मीटर राइफल थ्री पाजिशंस स्पर्धा में रजत पदक जीता था और उन्हें 7500 यूरो मिलने थे।

रूद्रांक्ष के पिता बालासाहेब पाटिल ने शुक्रवार को पीटीआई से कहा, ‘‘उन्होंने (आईएसएसएफ) ने पुरस्कार राशि की घोषणा की थी और अब वे इसमें विलंब कर रहे हैं। यह ठीक नहीं है लेकिन हम क्या कह सकते हैं। ’’

पता चला है कि इटली के लुसियानो रोसी की अध्यक्षता में आईएसएसएफ इस प्रतिबद्धता को पूरी करने की पूरी कोशिश करेगा।

पाटिल ने कहा, ‘‘पिछले आईएसएसएफ अध्यक्ष (लिसिन) पुरस्कार राशि का प्रायोजन कर रहे थे। फिर चुनाव आ गये और उन्हें हटा दिया गया। इसलिये सभी प्रायोजकों ने प्रायोजन रद्द कर दिया। मुझे उम्मीद है कि वे (आईएसएसएफ) एक या दो महीने में इस प्रतिबद्धता को पूरा कर पायेगा लेकिन अभी इस पर अनिश्चितता बनी हुई है। ’’

हालांकि उन्होंने कहा कि रूद्रांक्ष की ट्रेनिंग पर इसका असर नहीं पड़ा है।

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