कोविड-19 के खिलाफ लड़ाने में विश्व बैंक ने भारत को एक अरब डॉलर की सहायता को मंजूरी दी
इसके साथ ही विश्व बैंक ने कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए भारत को अब तक कुल दो अरब डॉलर देने की प्रतिबद्धता जताई है। पिछले महीने भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र की मदद के लिए एक अरब अमरीकी डालर सहायता देने की घोषणा की गई थी।
नयी दिल्ली, 15 मई विश्व बैंक ने शुक्रवार को कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर गरीब, कमजोर परिवारों को सामाजिक सहायता देने के भारत के प्रयासों में मदद के लिए एक अरब डॉलर की सहायता को मंजूरी दी। ये सहायता ‘भारत को कोविड-19 सामाजिक संरक्षण प्रतिक्रिया कार्यक्रम प्रोत्साहन’ के रूप में दी जाएगी।
इसके साथ ही विश्व बैंक ने कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए भारत को अब तक कुल दो अरब डॉलर देने की प्रतिबद्धता जताई है। पिछले महीने भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र की मदद के लिए एक अरब अमरीकी डालर सहायता देने की घोषणा की गई थी।
भारत में वर्ल्ड बैंक के कंट्री डायरेक्टर जुनैद अहमद ने मीडिया के साथ एक वेबिनार में कहा कि कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए दुनिया भर में सरकारों को अभूतपूर्व तरीके से लॉकडाउन और सामाजिक दूरी को लागू करना पड़ा है।
हालांकि, वायरस के प्रसार को रोकने के लिए किए गए इन उपायों से अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हुई है और खासतौर से अनौपचारिक क्षेत्र में नौकरियां प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि भारत इसका अपवाद नहीं है।
एक अरब डॉलर की इस सहायता में 55 करोड़ डॉलर का वित्त पोषण विश्व बैंक की रियायती ऋण शाखा अंतरराष्ट्रीय विकास संघ (आईडीए) के द्वारा किया जाएगा, जबकि 20 करोड़ डॉलर ऋण के रूप में अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (आईबीआरडी) द्वारा दिए जाएंगे। शेष 25 करोड़ रुपये 30 जून 2020 के बाद दिए जाएंगे।
विश्व बैंक ने एक विज्ञप्ति में कहा कि ताजा सहायता दो चरणों में दी जाएगी- एक जुलाई से शुरू हुए वित्त वर्ष 2020 के लिए 75 करोड़ रुपये का तत्काल आवंटन, और वित्त वर्ष 2021 के लिए 25 करोड़ रुपये।
अहमद ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी ने मौजूदा सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में कुछ कमियों को उजागर किया है।
अहमद ने कहा कि विश्व बैंक भारत सरकार के साथ एमएसएमई को सहायता के लिए चर्चा कर रहा है।
भारत सरकार के 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा ‘‘ये सरकार की तरफ से बहुत महत्वपूर्ण बयान है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उभरती अर्थव्यवस्थाओं में राजकोषीय और मौद्रिक प्रतिक्रिया के तौर पर भारत की घोषणाएं सबसे बड़ी हैं... ये महत्वपूर्ण है कि सरकार ने आगे कि दिशा के लिहाज से एक बयान दिया है और वास्तव में ये एक बड़ा कार्यक्रम है।
विश्व बैंक ने कहा कि ताजा एक अरब डॉलर की सहायता के पहले चरण का क्रियान्वयन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के जरिए होगा।
विश्व बैंक ने आगे कहा कि सामाजिक संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत की आधी आबादी प्रतिदिन तीन डॉलर से कम कमाती है और गरीबी रेखा के बेहद करीब है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2020 05:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

