गुवाहाटी, 21 मई : असम सरकार ने राज्य सरकार द्वारा संचालित चाय बागानों के श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 220 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये करने की घोषणा की है. यह निर्णय 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगा. यह निर्णय गोलाघाट जिले के डेरगांव में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया. शर्मा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के अवसर पर यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि एटीसीएल चाय बागानों के सभी श्रमिकों को 1 अक्टूबर 2025 से 250 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिलेगी."
ब्रह्मपुत्र घाटी के चाय बागानों के श्रमिकों को अक्टूबर 2023 से ही 250 रुपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी मिल रही है, जबकि बराक घाटी में यह राशि अभी 228 रुपये प्रतिदिन है. मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर चाय बागान समुदाय को बधाई देते हुए कहा कि यह असम की संस्कृति और समाज का अभिन्न हिस्सा रहा है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पिछले चार वर्षों से चाय क्षेत्र से जुड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए विभिन्न कदम उठा रही है. यह भी पढ़ें : आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई दिल्ली के विश्वविद्यालयों में सक्रियता बढ़ाएगी
शर्मा ने यह भी कहा कि चाय उद्योग ने असम की पहचान को मजबूती दी है. उन्होंने कहा, "असम चाय के 200 वर्ष के उत्सव के अवसर पर सरकार सात लाख से अधिक श्रमिकों को 5,000 रुपये की एकमुश्त सहायता राशि देगी." मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं जैसे मॉडल स्कूल, मोबाइल चिकित्सा इकाइयों और गर्भवती महिला श्रमिकों के लिए वेतन मुआवजे पर एक वीडियो भी साझा किया.













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