ताजा खबरें | महिला आरक्षण विधेयक सरकार का छलावा, क्रियान्वयन को लेकर मंशा पर सवाल खड़े हो रहे: तृणमूल सांसद
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सदस्य डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को महिला आरक्षण विधेयक को सरकार का राजनीतिक छलावा करार देते हुए इसके क्रियान्वयन को लेकर सत्ता पक्ष की मंशा पर सवाल खड़े किये।
नयी दिल्ली, 20 सितम्बर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सदस्य डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को महिला आरक्षण विधेयक को सरकार का राजनीतिक छलावा करार देते हुए इसके क्रियान्वयन को लेकर सत्ता पक्ष की मंशा पर सवाल खड़े किये।
दस्तीदार ने महिला आरक्षण से संबंधित ‘संविधान (128वां संशोधन) विधेयक, 2023’ पर लोकसभा में चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि सरकार महिला आरक्षण विधेयक लेकर तो आई है, लेकिन उसने इसके साथ अपने ही ऊपर कई सवाल खड़े किये हैं। टीएमसी की सदस्य ने कहा कि इस विधेयक को जनगणना और परिसीमन के बाद लागू किये जाने का सरकार का निर्णय उसकी ‘‘कुटिल चाल’’ है।
उन्होंने भाजपा सदस्यों से आग्रह किया कि वे केवल शब्दों से ही नहीं, बल्कि मन, कर्म और वचन से महिलाओं के प्रति सम्मान प्रदर्शित करें।
दस्तीदार ने देश के लिए पदक जीतने वाली महिला पहलवानों के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न का हवाला देते हुए कहा कि महिला पहलवान लंबे समय तक जंतर मंतर पर प्रदर्शन करती रहीं, लेकिन आरोपी सदस्य ब्रजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
उन्होंने विभिन्न राज्यों में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का भी हवाला दिया और महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने के सरकार के प्रयास को राजनीतिक कवायद की संज्ञा दी।
उन्होंने महिलाओं के सशक्तीकरण को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संसद के दोनों सदनों में टीएमसी की महिला सदस्यों की संख्या पहले से ही 40 प्रतिशत है और यदि सरकार महिलाओं को सशक्त करने के प्रति सच्चा प्रयास करना चाहती है तो वह 33 प्रतिशत के बजाय 40 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करे।
दस्तीदार ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में महिला वैज्ञानिकों, कर्मचारियों, प्राध्यापकों को वेतन/मानदेय का भुगतान समय पर नहीं किये जाने का सरकार पर आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि आईआईटी, खड़गपुर में भी महिला प्राध्यापकों और महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की महिला‘जॉबकार्ड’ धारकों को भी भुगतान नहीं किया जा रहा।
उनकी इस बात पर सदन में सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विरोध जताया। बाद में पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रीजीजू ने हस्तक्षेप करते हुए इन आरोपों को निराधार करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसरो के वैज्ञानिकों और सभी कर्मचारियों को समय पर वेतन/मानदेय मिल रहे हैं तथा पूर्व कर्मचारियों को पेंशन भी दिया जा रहा है।
दस्तीदार ने महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बजटीय प्रावधान पर सवाल खड़े किये।
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