महिला पत्रकार संगठन ने पत्रकार को मातृत्व अवकाश नहीं देने की निंदा की
नेटवर्क ने राष्ट्रीय महिला आयोग और असम राज्य महिला आयोग से इस मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेने के लिए कहा है।
गुवाहाटी, 22 मई नेटवर्क ऑफ विमन इन मीडिया (एनडब्ल्यूएमआई) ने शुक्रवार को एक स्थानीय समाचार चैनल में एक महिला पत्रकार को कथित तौर पर मातृत्व अवकाश देने से इनकार करने और उसे इस्तीफा देने पर मजबूर करने की घटना की निंदा की है।
नेटवर्क ने राष्ट्रीय महिला आयोग और असम राज्य महिला आयोग से इस मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेने के लिए कहा है।
मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 महिलाओं को 12 सप्ताह वेतन के साथ अवकाश और इसके बाद छुट्टी लेने पर बिना वेतन तथा घर से काम करने की सुविधा प्रदान करता है।
एनडब्ल्यूएमआई ने महिला पत्रकार को तत्काल बहाल करने की मांग की है। नेटवर्क का कहना है कि समाचार चैनल के शीर्ष प्रशासन द्वारा कंपनी में अपने कर्मचारियों के लिए इस अवकाश का प्रावधान नहीं होने के आधार पर पत्रकार को इस्तीफा देने पर मजबूर करना उसके अधिकारों का उल्लंघन है।
नेटवर्क ने एक बयान में कहा कि यह घटना महामारी के काल में परेशान करने वाली है। कोविड-19 बंद के मद्देनजर देश भर के मीडिया घरानों में नौकरियां जा रही हैं, वेतन काटे जा रहे हैं, लोगों को जबरन बिना वेतन के छुट्टी पर भेजा जा रहा है।
नेटवर्क ने महिला पत्रकार को यह कहते हुए उद्धृत किया है कि समाचार चैनल के सीएमडी ने उनसे कहा कि कंपनी में ‘मातृत्व अवकाश की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है और इसके लिए कोई वेतन नहीं मिलेगा’ और इसके बाद पत्रकार को इस्तीफा देने का निर्देश दे दिया गया।
आगे बयान में नेटवर्क ने कहा कि प्रत्येक प्रतिष्ठान मातृत्व लाभ अधिनियिम के तहत आता है और मीडिया चैनल कानून के दायरे से बाहर नहीं है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 22, 2020 08:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

