देश की खबरें | छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूहों को मिला ‘रेडी टू ईट’ खाद्य पदार्थ तैयार करने का कार्य
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रायपुर, 10 जुलाई छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की महिला स्व सहायता समूहों को ‘रेडी टू ईट’ खाद्य पदार्थ तैयार करने और उनके वितरण का कार्य सौंपा है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए ‘रेडी टू ईट’ खाद्य पदार्थ को तैयार करने का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने की शुरुआत आज रायगढ़ जिले से की।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को ‘रेडी टू ईट’ खाद्य सामग्री तैयार करने और उनके वितरण के लिए अनुबंध पत्र सौंपा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा, ''राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (‘रेडी टू ईट’) को तैयार करने और वितरण का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया है। यह कार्य प्रारंभिक चरण में छह जिलों में पायलट परियोजना के रूप में प्रारंभ किया जाएगा। रायगढ़ इस पहल का पहला जिला बना है, जहां 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र वितरित किए गए हैं।''
मुख्यमंत्री ने कहा, ''इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। यह योजना महिलाओं के लिए स्वरोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सार्थक पहल है। साथ ही, बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।''
साय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के विगत डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अधिकांश कार्यों को धरातल पर उतारा गया है।
उन्होंने कहा, “इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि, तेंदूपत्ता संग्रहण दर में 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की वृद्धि तथा चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत जैसे कार्य शामिल हैं। साथ ही, रामलला दर्शन योजना एवं तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ भी दिया जा रहा है।''
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है और अब तक राज्य की 1,460 पंचायतों में ऐसे सेवा केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं।
इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उनके मुताबिक, पूरे देश में तीन करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है और इसी दिशा में ‘रेडी टू ईट’ खाद्य पदार्थ तैयार करने की योजना शुरू की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि 10 महिला समूहों को ‘रेडी टू ईट’ खाद्य पदार्थ तैयार करने की यूनिट की स्थापना के लिए ‘प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज’ (पीएमएफएमई) योजना के अंतर्गत उद्योग विभाग द्वारा पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में 2009-10 में रमन सिंह के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने महिला स्व सहायता समूहों को ‘रेडी टू ईट’ खाद्य पदार्थ बनाने का कार्य दिया था। बाद में कांग्रेस की सरकार (2018—23) ने इस कार्य को बीज निगम को सौंपने का फैसला किया था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2025 10:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

