नयी दिल्ली, एक अप्रैल वाईएसआरसीपी सांसद गीता विश्वनाथ और द्रमुक सांसद कनीमोई ने टीवी रियलिटी शो में काम करने वाले छोटे बच्चों की समस्याओं तथा एवं कई अन्य कार्यक्रम में गलत तरीकों से उनके चित्रण का विषय शुक्रवार को लोकसभा में उठाया तथा सरकार से इस पर विशेष ध्यान देने की मांग की।
निचले सदन में प्रश्नकाल के दौरान इन सदस्यों ने पूरक प्रश्न पूछते हुए इस विषय को उठया।
वाईएसआरसीपी सांसद गीता विश्वनाथ ने कहा कि वह सरकार का ध्यान रियलिटी शो में काम करने वाले और प्रस्तुति देने वाले बच्चों की ओर दिलाना चाहती हैं जिन्हें कई तरह की मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यहां तक कि चार-पांच वर्ष के बच्चे ऐसे कार्यक्रमों में प्रदर्शन कर रहे हैं और जिस गाने पर उनका प्रदर्शन हो रहा है, उसका अर्थ भी उन्हें पता नहीं होता है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रश्नकाल के दौरान द्रमुक सांसद कनीमोई ने कहा कि काफी बच्चे विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं जहां अश्लील दृश्य होते हैं, नग्नता का चित्रण होता है, ऐसे कार्यक्रमों को लेकर क्या परामर्श जारी किए गए हैं।
इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि वह इस बात को रेखांकित करना चाहेंगी कि विभिन्न कार्यक्रमों या शो में नग्नता, विशेष तौर पर बच्चों के संदर्भ में, एवं उसका चित्रण अवैध है और यह पॉक्सो अधिनियम के तहत है।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे चित्रण के प्रसार या शो के निर्माण को लेकर उपायों या तौर- तरीकों पर प्रतिबद्धता से काम कर रही है ताकि इन्हें अनुमति नहीं दी जा सके और कानून के तहत दंडित भी किया जाए।
मंत्री ने कहा, ‘‘ मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगी कि परामर्श जारी करने के अलावा हमारा यह मानना है कि इस मुद्दे पर मीडिया के साथ सतत रूप से सहयोग जरूरी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं इस बात पर भी जोर देना चाहूंगी कि हमारे राजनीतिक मतभेदों के बावजूद इस सदन ने पॉक्सो अधिनियम बनाया।’’
उन्होंने कहा कि इसका मकसद यह था कि जो बच्चों को गलत ढंग से चित्रित करते हैं, उन्हें दंडित किया जाए।
स्मृति ईरानी ने इन प्रयासों को लेकर महिला सांसदों का आभार जताया।
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