कोट्टायम, 10 सितंबर मणिपुर हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए अभिनेता प्रकाश राज ने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा के दौरान सर्वाधिक मुसीबत महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ती है।
‘डीसी बुक्स’ के स्वर्ण जयंती समारोह के तहत यहां शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब नागरिक आंखें बंद करके किसी एक नेता का अनुसरण करेंगे तो समाज दूषित हो जाएगा।
अभिनेता ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि जब नागरिक आंखें बंद करके और निर्विवाद रूप से किसी नेता या विचारधारा, जैसे कि राष्ट्रवाद, का अनुसरण करेंगे तो समाज दूषित हो जाएगा जैसा कि आज इस देश में हो रहा है। यदि आप अन्याय की स्थितियों में तटस्थ हैं, तो आपने अत्याचारी का पक्ष चुना है।’’
उन्होंने कहा कि 16 या 17 साल के किशोर जुलूसों में तलवारें और बंदूकें लहरा रहे हैं और यह वह देश नहीं है जिसका सपना डॉ. आंबेडकर या समाज सुधारक बसवन्ना ने देखा था।
अभिनेता ने यह भी कहा कि मणिपुर हिंसा हमें दिखाती है कि सांप्रदायिक संघर्ष समाज को कैसे प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने इस ओर भी इंगित किया कि हाल ही में एक घटना के दौरान एक शिक्षिका ने कथित रूप से विद्यार्थियों को एक विशेष समुदाय के बच्चे को थप्पड़ मारने के लिए कहा। राज यहां डीसी किझाकेमुरी स्मारक व्याख्यान दे रहे थे।
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