देश की खबरें | कर्नाटक में हाथी के हमले में महिला की मौत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जिले के हेदादालू के निकट बागान में काम करने वाली एक महिला की बुधवार को हाथी के हमले में मौत हो गई।

चिकमगलुरू (कर्नाटक), आठ नवंबर जिले के हेदादालू के निकट बागान में काम करने वाली एक महिला की बुधवार को हाथी के हमले में मौत हो गई।

अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

मीना (29) अपने साथी कामगारों के साथ कॉफी बागान जा रही थी तभी रास्ते में एक जंगली हाथी आ गया। हाथी ने मीना पर हमला कर दिया। इस दौरान शेष मजदूर भाग गए।

हाथी के हमले में मीना गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी मौत हो गई।

घटना से आक्रोशित लोगों ने उसका शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया और स्थानीय विधायक के मौके पर आने तक शव को पोस्टमार्टम के लिए अधिकारियों को सौंपने से इनकार किया।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। कुछ देर बाद बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के पास एकत्र हो गए और उन्होंने श्रृंगेरी तथा चिकमगलुरू को जोड़ने वाले राजमार्ग को लगभग एक घंटे तक जाम किया।

हाल में पांच जंगली हाथियों का एक झुंड़ पड़ोसी हासन जिले के सकलेशपुर से इलाके में आया था और बाद में इसमें दो और हाथी शामिल हो गए थे। इनमें से एक हाथी ने महिला पर हमला किया, जिसमें महिला की मौत हो गई।

एक वरिष्ठ वन अधिकरी ने कहा कि इन जंगली हाथियों को मुथोडी वन रेंज में खदेड़ने के प्रयास किए गए और वन अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मीना की मौत पर शोक व्यक्त किया और उन्होंने अधिकारियों को मृतक के परिवार को तत्काल 15 लाख रुपये का चेक जारी करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री वरिष्ठ नेता डीबी चंद्रे गौड़ा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जिले के मुदिगेरे में थे।

सिद्धरमैया ने मुदिगेरे में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक की।

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार उन्होंने हाथियों को वन में भेजने के लिए आवश्यक कदम उठाने के ‘स्पष्ट निर्देश’ जिला प्रशासन को दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों से फोन पर बात की और कहा कि हाथियों के हमलों को रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।

कुछ स्थानीय लोगों और प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जंगली हाथियों को गोली मार दी जानी चाहिए, इस संबंध में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने लोगों का गुस्सा शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि उन्हें ‘‘इस हद तक नहीं सोचना चाहिए।’’ मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अन्य प्रभावी उपाय करने के भी निर्देश दिए।

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