देश की खबरें | ममता के इस्तीफे के बगैर कोलकाता चिकित्सक बलात्कार-हत्या मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं: भाजपा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ हमला तेज करते हुए उनसे तत्काल इस्तीफा देने की मांग की और कहा कि कोलकाता में एक चिकित्सक से बलात्कार-हत्या मामले की निष्पक्ष जांच तब तक संभव नहीं है, जब तक वह पद पर हैं।
नयी दिल्ली, छह सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ हमला तेज करते हुए उनसे तत्काल इस्तीफा देने की मांग की और कहा कि कोलकाता में एक चिकित्सक से बलात्कार-हत्या मामले की निष्पक्ष जांच तब तक संभव नहीं है, जब तक वह पद पर हैं।
भाजपा ने यह हमला तब किया है, जब बुधवार को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए मृत चिकित्सक के परिवार के सदस्यों ने कोलकाता पुलिस पर जल्दबाजी में शव का अंतिम संस्कार करके मामले को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सदस्य संबित पात्रा ने कहा कि पीड़िता के पिता ने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘पीड़िता के पिता ने कहा है कि जब शव उनके घर पर रखा गया था, तो डीसी नॉर्थ (कोलकाता पुलिस का) उनके पास आए और उन्हें पैसे देने की कोशिश की। क्यों? प्रशासन पीड़िता के माता-पिता को रिश्वत देकर क्या छिपाने की कोशिश कर रहा था?’’
पात्रा ने कहा, ‘‘जब तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल अपने पद पर बने रहेंगे, मामले में निष्पक्ष जांच संभव नहीं है... इसलिए भाजपा दोनों से कहती है कि निष्पक्ष सुनवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दें।’’
भाजपा नेता ने कहा कि जिस जगह पर अपराध होने का संदेह है, वहां से सटे एक डॉक्टर के कमरे और शौचालय को ढहाए जाने से भी कई सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘पीड़िता की हत्या आठ अगस्त और नौ अगस्त की दरम्यानी रात को की गई थी। आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष ने 10 अगस्त को डॉक्टरों के कमरे, डॉक्टरों के शौचालय और सेमिनार कक्ष से लगे स्टाफ शौचालय को ध्वस्त करने के लिए एक पत्र जारी किया।’’
पात्रा ने आरोप लगाया कि उसी दिन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव और चिकित्सा शिक्षा निदेशक ने एक बैठक की और मौके पर निरीक्षण के आदेश दिए।
उन्होंने कहा, ‘‘उसी दिन निरीक्षण भी किया गया और उक्त कमरों को ध्वस्त कर दिया गया। जल्दी क्या थी? सबूत मिटाने की कोशिश की गई... यह ममता बनर्जी और कोलकाता पुलिस आयुक्त की मिलीभगत के बिना संभव नहीं था।’’
पात्रा ने मांग की कि बनर्जी और गोयल के कॉल डिटेल हासिल किए जाएं, ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने फोन पर क्या बात की थी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 06, 2024 06:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

