जरुरी जानकारी | पारा चढ़ने के साथ दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग 6,780 मेगावाट पहुंची
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय राजधानी में पारा चढ़ने के साथ बृहस्पतिवार को बिजली की अधिकतम मांग 6,780 मेगावाट पहुंच गयी। यह इस मौसम में अबतक की सर्वाधिक मांग है। शहर की प्रमुख विद्युत वितरण कंपनियों बीएसईईएस और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लि. ने अपने-अपने क्षेत्रों में बिजली की अधिकतम मांग को पूरा करने का दावा किया है।
नयी दिल्ली, 16 मई राष्ट्रीय राजधानी में पारा चढ़ने के साथ बृहस्पतिवार को बिजली की अधिकतम मांग 6,780 मेगावाट पहुंच गयी। यह इस मौसम में अबतक की सर्वाधिक मांग है। शहर की प्रमुख विद्युत वितरण कंपनियों बीएसईईएस और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लि. ने अपने-अपने क्षेत्रों में बिजली की अधिकतम मांग को पूरा करने का दावा किया है।
दिल्ली स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बृहस्पतिवार को अपराह्न 3.26 बजे बिजली की अधिकतम मांग 6,780 मेगावाट पहुंच गयी। यह इस मौसम में अबतक की सर्वाधिक मांग है। पिछले साल 16 मई को बिजली की अधिकतम मांग 5,781 मेगावाट थी।
बीएसईएस राजधानी पावर लि. और बीएसईएस यमुना पावर लि. ने बयान में कहा कि दोनों ने अपने-अपने क्षेत्रों में क्रमश:2,861 मेगावाट और 1,488 मेगावाट बिजली की अधिकतम मांग को पूरा किया।
उत्तरी दिल्ली में बिजली आपूर्ति करने वाली टाटा पावर-डीडीएल के प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘‘आज सफलतापूर्वक 1,982 मेगावाट की अधिकतम मांग पूरी की गयी, जो इस गर्मी के मौसम की उसके क्षेत्र की सर्वाधिक मांग थी। हमने बिना किसी नेटवर्क की समस्या और बिजली कटौती के निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की।’’
एसएलडीसी के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग इस साल गर्मियों में पहली बार 8,000 मेगावाट को पार कर 8,200 मेगावाट तक जा सकती है। पिछले साल बिजली की अधिकतम मांग 7,438 मेगावाट थी। जबकि 2022 की गर्मियों में यह 7,695 मेगावाट थी।
बीएसईएस के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘बिजली की मांग बढ़ने का प्रमुख कारण गर्मी का बढ़ना है। पारा चढ़ने के साथ लोगों को अधिक एयर कंडीशनिंग / कूलर का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे बिजली की खपत में वृद्धि हुई है।’’
वितरण कंपनियों के अनुसार, एयर कंडीशनिंग का किसी घर या कंपनी की वार्षिक ऊर्जा खपत में 30-50 प्रतिशत का योगदान हो सकता है।
उन्होंने कहा कि बीआरपीएल (बीएसईएस राजधानी पावर लि.) के दक्षिण और पश्चिम दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग इस साल गर्मियों में बढ़कर 3,679 मेगावाट पहुंचने का अनुमान है जो 2023 में 3,250 मेगावाट थी। वहीं बीवाईपीएल (बीएसईएस यमुना पावर लि.) के पूर्वी और मध्य दिल्ली में मांग 1,857 मेगावाट रहने का अनुमान है जो 2023 में 1,670 मेगावाट थी।
मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री रहा और शनिवार को इसके 45 डिग्री तक पहुंच जाने की आशंका है।
बीएसईएस के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी की दोनों वितरण कंपनियां लगभग 50 लाख उपभोक्ताओं की बिजली मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को पूरी तरह तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं में अन्य राज्यों के साथ दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते और बिजली की मांग का सटीक अनुमान लगाने के लिए कृत्रिम मेधा और मशीन लर्निंग जैसी नवीनतम प्रौद्योगिकियों का उपयोग शामिल है।
प्रवक्ता ने कहा कि भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में लगभग 2,100 मेगावाट हरित बिजली महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
टाटा पावर डीडीएल के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ गर्मी के इस मौसम के लिए हमारी बिजली की व्यवस्था में दीर्घकालीन समझौते और रोहिणी एवं रानी बाग में बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) शामिल हैं। ये निर्बाध बैक-अप और निरंतर भरोसेमंद बिजली प्रदान करते हैं। यह पूरी व्यवस्था गर्मी में अधिकतम मांग से निपटने में सक्षम है।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on May 16, 2024 07:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

