देश की खबरें | एक लाख करोड़ रु का समुद्री खाद्य निर्यात लक्ष्य हासिल करने को उन्नत जहाजों को बढ़ावा देंगे:कुरियन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय मत्स्यपालन राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने बृहस्पतिवार को कहा कि समुद्री खाद्य पदार्थों के निर्यात को एक लाख करोड़ रुपये पर पहुंचाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए लम्बी दूरी तय करने में सक्षम उन्नत जहाजों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि गहरे समुद्र से अपेक्षाकृत ज्यादा मात्रा में मछलियां पकड़ी जा सकें।
इंदौर (मध्यप्रदेश), 20 फरवरी केंद्रीय मत्स्यपालन राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने बृहस्पतिवार को कहा कि समुद्री खाद्य पदार्थों के निर्यात को एक लाख करोड़ रुपये पर पहुंचाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए लम्बी दूरी तय करने में सक्षम उन्नत जहाजों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि गहरे समुद्र से अपेक्षाकृत ज्यादा मात्रा में मछलियां पकड़ी जा सकें।
कुरियन ने इंदौर में संवाददाताओं को बताया,‘‘हम समुद्री खाद्य पदार्थों के निर्यात को निकट भविष्य में बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए हम गहरे समुद्र से मछली पकड़ने की क्षमता बढ़ा रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे उन्नत जहाजों के इस्तेमाल को बढ़ावा देगी जो तट से 200 समुद्री मील और इससे ज्यादा की दूरी तय करके गहरे समुद्र तक पहुंच सकें और इनकी मदद से मछुआरे अपेक्षाकृत ज्यादा मात्रा में मछली पकड़ सकें।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि फिलहाल देश से समुद्री खाद्य पदार्थों का सालाना निर्यात 60,523 करोड़ रुपये के स्तर पर है।
मीडिया के साथ बातचीत से पहले, कुरियन ने इंदौर जिले के देपालपुर क्षेत्र में राष्ट्रीय मत्स्यपालन डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) पर मछुआरों के पंजीकरण को बढ़ावा देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
उन्होंने कार्यक्रम के दौरान सभी हितधारकों से एनएफडीपी पर पंजीकरण कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यक्रम में 1,500 मत्स्य सहकारी समितियों, मछुआरों और उद्यमियों ने भाग लिया।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में पंजीकृत मछुआरों की तादाद दो लाख के आस-पास है, जबकि सूबे में हर साल 3.82 लाख टन मछली उत्पादन होता है।
अधिकारियों के मुताबिक, केंद्रीय मत्स्यपालन विभाग द्वारा वर्ष 2024 में पेश किए गए एनएफडीपी पर सूबे के 60,000 से ज्यादा मछुआरे पंजीयन करा चुके हैं।
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