देश की खबरें | विपक्ष को साथ लाने के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार करेंगे: पवार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार ने शनिवार को यहां कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष का एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
बारामती (महाराष्ट्र), छह मई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार ने शनिवार को यहां कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष का एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
राकांपा का अध्यक्ष पद छोड़ने का फैसला वापस लेने के एक दिन बाद पुणे जिले स्थित अपने गृहनगर बारामती पहुंचे पवार ने कहा कि वह विपक्षी दलों को एकसाथ लाने में भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगले 10-11 महीनों में कई जगहों पर चुनाव होंगे...नीतीश कुमार, अरविंद केजरीवाल, चंद्रशेखर राव, ममता बनर्जी जैसे नेता विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं।’’
पवार ने कहा, ‘‘मैं न्यूनतम साझा कार्यक्रम बनाकर विपक्ष को साथ लाने में भागीदारी करूंगा।’’
राकांपा के वरिष्ठ नेता एवं उनके भतीजे अजित पवार की योजनाओं संबंधी अटकलों के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा, ‘‘अजित पवार को लेकर भ्रम का माहौल बनाया जा रहा है। ऐसी चर्चा थी कि वह भाजपा में शामिल होंगे, लेकिन क्या कुछ हुआ?’’
राकांपा प्रमुख ने कहा कि अजित पवार ऐसे व्यक्ति हैं जो जमीन पर काम करना पसंद करते हैं और उनके बारे में अटकलों में कोई सच्चाई नहीं है।
इससे पहले पवार के यहां पहुंचने पर राकांपा के स्थानीय पदाधिकारियों ने पवार का स्वागत किया। इस बीच पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में नारेबाजी की।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि सोलापुर जाने से पहले पवार स्थानीय राकांपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलेंगे।
पवार ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बढ़ते दबाव के बाद शुक्रवार को राकांपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का अपना फैसला वापस ले लिया था।
पवार के पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के फैसले से 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी एकता के प्रयासों पर सवालिया निशान लग गया था।
अपनी राजनैतिक कौशल के लिये प्रसिद्ध 82 वर्षीय मराठा दिग्गज पवार ने कहा कि महाराष्ट्र और देशभर के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनसे पार्टी अध्यक्ष के रूप में बने रहने का अनुरोध किया था।
पवार ने कहा कि वह अपने सहयोगियों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का अपमान नहीं कर सकते, जिन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह अपना फैसला वापस ले लें।
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