देश की खबरें | वन्यजीव संरक्षण: तमिलनाडु में बिजली की बाड़ लगाने से पहले अनुमति जरूरी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तमिलनाडु सरकार ने मंगलवार को कहा कि वन्यजीवों और फसलों की सुरक्षा को लेकर बिजली की बाड़ लगाने के लिए अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। किसी भी राज्य में यह अपनी तरह की पहली पहल है।
चेन्नई, चार जुलाई तमिलनाडु सरकार ने मंगलवार को कहा कि वन्यजीवों और फसलों की सुरक्षा को लेकर बिजली की बाड़ लगाने के लिए अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। किसी भी राज्य में यह अपनी तरह की पहली पहल है।
सरकार ने कहा कि उसने तमिलनाडु बिजली बाड़ (पंजीकरण एवं विनियमन) नियमावली, 2023 को तीन जुलाई से अधिसूचित कर दिया है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि यह बिजली की बाड़ लगाने को मानकीकृत और विनियमित करेगा।
इसमें कहा गया है कि तमिलनाडु सरकार राज्य में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए गहराई से प्रतिबद्ध है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि हाई वोल्टेज बिजली की बाड़ के कारण जंगली जानवरों, विशेषकर हाथियों को करंट लगने के कई मामले सामने आए हैं।
सरकार ने कहा, "वन्यजीवों की रक्षा के लिए बिजली की बाड़ लगाने के मानकों को मानकीकृत करने के लिए नियमों को लाना आवश्यक हो गया है। साथ ही, जंगलों से सटे क्षेत्रों में वन्यजीवों द्वारा नष्ट की जा रही किसानों की फसलों की सुरक्षा करना भी नितांत आवश्यक है। मानकीकृत नियमों से किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा करने में भी मदद मिलेगी।’’
नए नियम सौर ऊर्जा बाड़ सहित बिजली की बाड़ लगाने के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य बनाते हैं। पहले से लगी विद्युत बाड़ों का पंजीकरण कराना भी अनिवार्य हो गया है।
ये नियम तमिलनाडु में अधिसूचित आरक्षित वन क्षेत्रों से केवल 5 किमी के भीतर ही लागू होंगे। बिजली बाड़ लगाने के व्यवसाय में शामिल सभी कंपनियों के लिये अब बीआईएस मानक का पालन करना अनिवार्य है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)