विदेश की खबरें | विक्रमसिंघे ने श्रीलंका में आर्थिक संकट का समाधान करने के लिए विपक्ष के नेता से समर्थन मांगा

कोलंबो, 14 मई श्रीलंका के नये प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने मुख्य विपक्षी दल समागी जन बालावेगाया (एसजेबी) के नेता से दलगत राजनीति को छोड़कर ज्वलंत मुद्दों को हल करने और देश की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के वास्ते एक गैर-पक्षपातपूर्ण सरकार बनाने में उनका साथ देने का आग्रह किया है।

यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) के 73 वर्षीय नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को श्रीलंका की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को स्थिरता प्रदान करने के लिए बृहस्पतिवार को देश के 26वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गयी थी।

ऑनलाइन समाचार पोर्टल ‘डेली मिरर’ की खबर के अनुसार विक्रमसिंघे ने एसजेबी के नेता साजिथ प्रेमदासा को एक पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने ज्वलंत मुद्दों का तुरन्त समाधान करने और विदेशी सहायता प्राप्त करके देश को आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक रूप से स्थिर करने के लिए प्रेमदासा का समर्थन मांगा।

एक अन्य ऑनलाइन समाचार पोर्टल ‘हीरू न्यूज’ की खबर के अनुसार उन्होंने उनसे दलगत राजनीति को छोड़कर एक गैर-पक्षपातपूर्ण सरकार बनाने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने विपक्ष के नेता से सकारात्मक और त्वरित प्रतिक्रिया मांगी है।

श्रीलंका 1948 में ब्रिटेन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से सबसे बुरे आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है।

कुछ दिन पहले ही महिंदा राजपक्षे को देश के बिगड़ते आर्थिक हालात के मद्देनजर हुई हिंसक झड़पों के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

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