‘भगोड़ों’ का कर्ज बट्टे खाते में क्यों डाला गया, सच बताएं वित्त मंत्री : कांग्रेस
विपक्षी दल ने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब उसके एक आरोप को लेकर पलटवार करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार की रात कहा था कि जानबूझकर ऋण नहीं चुकाने वाले लोग पूर्ववर्ती संप्रग सरकार की ‘फोन बैंकिंग’ के लाभकारी हैं और मोदी सरकार उनसे बकाया वसूली के लिए उनके पीछे पड़ी है।
नयी दिल्ली, 29 अप्रैल कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि सरकार को नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और विजय माल्या जैसे भगोड़े कारोबारियों के कर्ज को बट्टे खाते में डालने का नियम लागू नहीं करना चाहिए तथा इस संदर्भ में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को देश के समक्ष सच बताना चाहिए।
विपक्षी दल ने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब उसके एक आरोप को लेकर पलटवार करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार की रात कहा था कि जानबूझकर ऋण नहीं चुकाने वाले लोग पूर्ववर्ती संप्रग सरकार की ‘फोन बैंकिंग’ के लाभकारी हैं और मोदी सरकार उनसे बकाया वसूली के लिए उनके पीछे पड़ी है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘‘कोई इस बात से इनकार नहीं कर रहा है कि जानबूझकर कर्ज अदा नहीं करने वालों पर कर्ज बट्टे खाते में डालने वाला नियम लागू नहीं होना चाहिए। परंतु हम इन भगोड़ों के बारे में सवाल कर रहे हैं। वे देश छोड़कर भाग चुके हैं। आप यह नियम नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और विजय माल्या के लिए लागू क्यों कर रहे हैं।’’
पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि भगोड़े लोगों के मामले में तकनीकी नियम लागू नहीं होना चाहिए।
गौरतलब है कि कांग्रेस का दावा है कि ‘24 अप्रैल को आरटीआई के जरिये पूछे गए एक सवाल के जवाब में रिज़र्व बैंक ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए 50 सबसे बड़े बैंक घोटालेबाजों का 68,607 करोड़ रुपया ‘माफ करने’ की बात स्वीकार की। इनमें भगोड़े कारोबारी चोकसी, नीरव मोदी और माल्या के नाम भी शामिल हैं।’
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘ देश को भटकाने के बजाय निर्मला सीतारमण जी को सत्य बताना चाहिए, क्योंकि यही राजधर्म की कसौटी है। मोदी सरकार ने 2014-15 से 2019-20 के बीच साढ़े पांच साल में चूककर्ताओं का 6,66,000 करोड़ रुपये का क़र्ज़ क्यों बट्टे खाते में डाला?’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘ क्या 95 चूककर्ताओं का 68,607 करोड़ रुपये का क़र्ज़ माफ़ करने का रिजर्व बैंक का आरटीआई जवाब सही है? मोदी सरकार देश का पैसा ले कर भाग गए घोटालेबाज़ों - नीरव मोदी एवं मेहुल चोकसी (8,048 करोड़ रुपये), जतिन मेहता (6,038 करोड़ रुपये), विजय माल्या (1,943 करोड़ रुपये) और अन्य मित्रों का क़र्ज़ क्यों बट्टे खाते में डाल रही है?’’
सुरजेवाला ने यह भी पूछा कि आखिर 6,66,000 करोड़ रुपये के कर्ज को बट्टे खाते में डालने की अनुमति सरकार में किसने दी और क्यों दी ?
पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने आरोप लगाया कि बैंकों से लिए कर्ज को बट्टे खाते में डालने से बैंकों के मुनाफे और सरकार के राजस्व पर असर होगा जिसका बोझ आम लोगों को झेलना पड़ेगा।
उन्होंने यह सवाल भी किया कि क्या किसी किसान, एमएसएमई या मध्यम वर्ग के कर्ज को बट्टे खाते में डाला गया है?
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 29, 2020 09:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

