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तबरेज की मौत पर हाय-तौबा मचाने वाले नेता सुभान के मामले में मौन क्यों : रघुवर दास

दास ने कहा ‘‘11 मई के बाद से अब तक मॉब लिंचिंग के शिकार हुए सुभान अंसारी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी,, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अथवा महासचिव एवं उनकी बहन प्रियंका गांधी ने एक शब्द भी नहीं कहा।’’

तबरेज की मौत पर हाय-तौबा मचाने वाले नेता सुभान के मामले में मौन क्यों : रघुवर दास
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पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज एक बयान में कहा कि 11 मई को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के गृह जिले दुमका के काठीकुंड शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में बकरी चोरी का आरोप लगाकर दो लोगों की निर्मम पिटाई की गयी। उन्होंने कहा कि पीड़ितों में से एक युवक, सुभान अंसारी की मौत हो गई।

दास ने कहा ‘‘11 मई के बाद से अब तक मॉब लिंचिंग के शिकार हुए सुभान अंसारी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी,, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अथवा महासचिव एवं उनकी बहन प्रियंका गांधी ने एक शब्द भी नहीं कहा।’’

उन्होंने पूछा, ‘‘इन लोगों के ट्वीट और आंसू भी आखिर सेलेक्टिव क्यों होते हैं?’’

दास ने कहा ‘‘कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 17 जून, 2019 को सरायकेला में

तबरेज अंसारी पर हुए हमले पर खूब आंसू बहाये थे और 22 जून को तबरेज की मौत के बाद इसे मानवता पर धब्बा बताया था। इतना ही नहीं, राज्यसभा में अपने भाषण में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने सरायकेला की इस घटना के बाद पूरे झारखंड को ‘मॉब लिंचिंग का अड्डा’ बताया था।’’

दास ने कहा ‘‘तबरेज के मामले में माकपा, भाकपा और अन्य संगठनों ने अपने अपने दलों के प्रतिनिधियों को सरायकेला भेज दिया था। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने केन्द्र सरकार और राज्य सरकार से जवाब तथा तबरेज के परिवार को 25 लाख रुपये की मदद देने की मांग की थी।’’

उन्होंने कहा कि दुमका में सुभान अंसारी को भीड़ द्वारा पीट पीट कर मार डालने के मामले में इनमे से किसी भी नेता ने अब तक कुछ भी नहीं कहा।’’

रघुवर दास ने कहा कि ऐसा दोहरा व्यवहार सिर्फ इसलिए किया जा रहा है क्योंकि उस समय राज्य में उनके नेतृत्व में भाजपा की सरकार थी और ‘‘आज झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में कांग्रेस, राजद एवं वामपंथियों की अवसरवादी सरकार सत्ता में है।’’

उन्होंने मांग की कि सुभान अंसारी के मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाना चाहिए और उसकी पत्नी खैरून बीबी एवं पीड़ित परिवार को बड़ी आर्थिक मदद दी जानी चाहिए।

उन्होंने पूछा कि रामगढ़ के गोला में संग्रामपुर गांव में तीन अप्रैल को 70 वर्षीया दलित महिला उपासो देवी की भूख से हुई मौत के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है?

दास ने कहा ‘‘सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी और जनता को बताना होगा कि चुनाव में किये गये उनके वादों का क्या हुआ, जब वह चीख चीख कर कहा करते थे कि उनके राज में कभी मॉब लिंचिंग नहीं होगी और भूख से किसी गरीब की मौत नहीं होगी।’’

, इन्दु,

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(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2020 11:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).