विदेश की खबरें | ज्यादा निर्माण मकानों को किफायती क्यों नहीं बनाएगा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

सिडनी,29 मई (360इंफो) बेतहाशा बढ़ती आबादी के बीच दुनिया भर में सरकारें किफायती आवास के तरीके तलाश रही हैं,लेकिन इनके समाधान स्थानीय तथा समुदाय आधारित होने चाहिए।

सिडनी से लेकर सैन फ्रांसिस्को तक किफायती आवास संकट समुदायों को प्रभावित कर रहा है।

युवा पीढ़ी एक ओर जहां दरें अधिक होने से मकान नहीं खरीद पा रही है और किराए के मकानों में रह रही है,वहीं सामुदायिक आवास में सरकारी सहयोग नहीं मिलने तथा आर्थिक सहयोग नहीं मिलने से कम आय वाले किराएदार बेघर होने की कगार पर हैं।

लोगों का दावा है कि नए आवासों का निर्माण करके इन समस्याओं को दूर किया जा सकता है। इनके हिसाब से आवास इसलिए मंहगें हैं क्योंकि नयी आपूर्ति कम है।

कुछ लोगों का कहना है कि भूमि इस्तेमाल नियामक तथा योजना प्रक्रिया नए निर्माण को रोक रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ‘आपूर्ति पक्ष’ का विमर्श ‘ मांग पक्ष’ की अनदेखी करता है,जिसमें वैश्विक आवास मूल्य वृद्धि अंतर्निहित है।

ऐतिहासिक रूप से भूमि उपयोग क्षेत्रों और प्रतिबंधात्मक विकास नियंत्रणों ने नए और अधिक विविध आवास विकास के लिए बाधा का काम किया है।

अमेरिका के कई हिस्सों में ‘बहिष्करण क्षेत्र’ उदाहरण के तौर पर ‘एकल परिवार’ क्षेत्र बहु-इकाइयों तथा अपार्टमेंट को बनने से रोकते हैं।

कई बार स्थानीय समुदाय इन नियमों में बदलाव का विरोध करते हैं तथा उस विकास का प्रतिकार करते हैं जिसे अपनी प्रकृति से भिन्न समझते हैं।

इसके जवाब में हाल के वर्षों में ‘यस इन माई बैकयार्ड’ (वाईआईएमबीवाई) नामक एक आंदोलन उभरा है जो उत्तरी अमेरिका में विशेष रूप से प्रसिद्ध हो रहा है। विविध तथा तेज विकास की बाधाओं को समाप्त करने के लिए नियामक स्तर पर सुधार की मांग करने वाला यह वाईआईएमबीवाई आंदोलन तर्क देता है कि अधिक आवास किफायत संबंधी दबाव को कम करेगा। इसके अनुसार आवासीय इलाकों में ऊंची इमारतों को मंजूरी दी जानी चाहिए तथा योजना की प्रक्रियाओं को तेज किया जाना चाहिए और उन्हें अधिक स्पष्ट होना चाहिए।

दुनिया के कई हिस्सों में इसे माना जाता है,मसलन ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य में स्थानीय सरकारें ऊंचे घनत्व आवास के लिए ‘अपजोन’ की वकालत कर रही हैं। ‘अपजोन’ अधिक आवास निर्माण के लिए किसी जमीन का ‘जोन’ बदलने को कहते हैं।

भूमि इस्तेमाल नियामक नए आवास विकास को रोकने में प्रमुख बाधा नहीं है। बाजार की स्थितियां अर्थात लागत और धन की उपलब्धता, मजदूर तथा सामग्री से जुड़े मुद्दे निर्माताओं को नए निर्माण से रोकते हैं।

आवास सामर्थ्य की समस्याओं का समाधान बहु-आयामी है, और इससे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ही निपटा जाना चाहिए।

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