देश की खबरें | 'लोग बिना काम से इतनी जल्दी निकलते क्यों हैं', भीषण जाम पर वकील की टिप्पणी से एनएचएआई की फजीहत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भीषण यातायात जाम को लेकर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में दायर एक जनहित याचिका पर बहस के दौरान एक महिला वकील की टिप्पणी का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है।
इंदौर, दो जुलाई भीषण यातायात जाम को लेकर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में दायर एक जनहित याचिका पर बहस के दौरान एक महिला वकील की टिप्पणी का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है।
इस वीडियो में एनएचएआई की वकील पूछती सुनाई पड़ रही हैं कि ‘‘लोग बिना काम से इतनी जल्दी निकलते क्यों हैं?’’
इस टिप्पणी पर बवाल मचने के बाद एनएचएआई को सफाई देनी पड़ी। एनएचएआई ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि वकील की यह टिप्पणी एनएचएआई के आधिकारिक बयान का प्रतिनिधित्व नहीं करती है और अनधिकृत टिप्पणी के लिए वकील को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जनहित याचिका आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग के इंदौर-देवास खंड पर पिछले हफ्ते बुधवार से शुक्रवार के बीच लगे करीब 50 घंटे के भीषण यातायात जाम को लेकर दायर की गई है।
कथित वीडियो में एनएचएआई की एक महिला वकील को इस याचिका पर उच्च न्यायालय में 30 जून को हुई बहस के दौरान कहते सुना जा सकता है,‘‘…अभी उज्जैन में (यातायात) जाम हो गया था। लोग निकलते क्यों हैं इतनी जल्दी बिना काम से?’’
इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कई लोग एनएचएआई के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और भीषण यातायात जाम से जनता को होने वाली परेशानियों का जिक्र कर रहे हैं।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक प्रवीण यादव ने ‘पीटीआई-’ से कहा कि महिला वकील की जिस टिप्पणी के कथित वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है, वह इस वकील की 'निजी राय' है।
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