8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) ने मेमोरेंडम जमा करने की समयसीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है. आयोग ने 15 जून को ऑनलाइन मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से बंद कर दी है और साफ कर दिया है कि अब इस समयसीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. 8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों को कितना मिलेगा बकाया? समझें सैलरी हाइक और एरियर का पूरा गणित
इस फैसले के साथ कर्मचारी संगठनों, पेंशनभोगी संघों और अन्य हितधारकों के लिए वेतन, भत्तों और पेंशन संबंधी नई मांगें आयोग के पोर्टल पर जमा करने का अवसर समाप्त हो गया है. गौरतलब है कि आयोग ने 29 मई को पहले ही एक बार समयसीमा बढ़ाते हुए 31 मई की अंतिम तारीख को 15 जून तक कर दिया था.
आयोग ने पहले ही कहा था, यह अंतिम मौका होगा
मई के अंत में जारी निर्देश में आयोग ने स्पष्ट किया था कि 15 जून डिजिटल सबमिशन की अंतिम तारीख होगी और इसके बाद किसी भी प्रकार का विस्तार नहीं दिया जाएगा. अब आयोग ने अपने वादे के अनुसार ऑनलाइन पोर्टल को बंद कर दिया है.
अब होंगे आमने-सामने परामर्श
ऑनलाइन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 8वां वेतन आयोग अब समीक्षा के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है. आयोग विभिन्न राज्यों में पंजीकृत हितधारकों के साथ क्षेत्रीय स्तर पर आमने-सामने बैठकें करेगा. इन बैठकों में चयनित संगठनों और यूनियनों को आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई और अन्य सदस्यों के साथ सीधे बातचीत का अवसर मिलेगा.
राज्य स्तरीय परामर्श बैठकों की शुरुआत 22 और 23 जून को लखनऊ, उत्तर प्रदेश से होगी. इन बैठकों में भाग लेने के इच्छुक संगठनों और यूनियनों को 10 जून तक आवेदन करना था. इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर जमा किए गए मेमोरेंडम से प्राप्त यूनिक आईडी का उपयोग करना अनिवार्य था.
लखनऊ के बाद इन शहरों में होगी बैठकें
लखनऊ में परामर्श प्रक्रिया के बाद आयोग 6 और 7 जुलाई को भुवनेश्वर, ओडिशा में बैठकें करेगा. इसके बाद 9 और 10 जुलाई को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में हितधारकों के साथ चर्चा होगी. इससे पहले आयोग जून की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रशासनिक अधिकारियों तथा कर्मचारी संगठनों के साथ भी चर्चा कर चुका है.
केवल ऑनलाइन आवेदन ही किए गए स्वीकार
15 जून तक समयसीमा बढ़ाने का फैसला इसलिए लिया गया था क्योंकि कई कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों ने तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतों की शिकायत की थी.
हालांकि आयोग ने इस पूरे चक्र के लिए केवल ऑनलाइन प्रक्रिया को ही मान्यता दी. आयोग के उप सचिव अभय एन. सहाय के नेतृत्व में सचिवालय ने स्पष्ट किया था कि हार्ड कॉपी, ईमेल, पीडीएफ फाइल या अन्य किसी माध्यम से भेजे गए सुझावों को आधिकारिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं माना जाएगा. सभी प्रस्ताव केवल 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध निर्धारित प्रारूप के माध्यम से ही स्वीकार किए गए.
मई 2027 तक रिपोर्ट सौंपने का लक्ष्य
भारत सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था. आयोग का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतनमान, महंगाई भत्ते और पेंशन ढांचे की व्यापक समीक्षा करना है. आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. इस हिसाब से रिपोर्ट मई 2027 तक सरकार को सौंपे जाने की संभावना है.
रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद इसकी समीक्षा मंत्रियों के समूह द्वारा की जाएगी और फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा. हालांकि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा सकती हैं, लेकिन अंतिम मंजूरी और एरियर के भुगतान की प्रक्रिया 2027 की दूसरी छमाही तक पहुंच सकती है.













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