Hyderabad Gig Workers News: हैदराबाद में गीग वर्कर्स को बड़ी राहत, तेलंगाना सरकार और Amazon इंडिया बनाएंगे 5 वातानुकूलित विश्राम गृह 'आश्रय'
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Hyderabad Gig Workers News:  तेलंगाना सरकार ने अमेजन इंडिया के साथ मिलकर हैदराबाद में गीग वर्कर्स (डिलीवरी पार्टनर्स) के काम करने के माहौल को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है. इस साझेदारी के तहत दोनों पक्षों ने सोमवार, 13 जुलाई 2026 को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते के तहत शहर के अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में गीग वर्कर्स के लिए पांच विशेष विश्राम गृह (पोर्टा-कैबिन) स्थापित किए जाएंगे.

प्रोजेक्ट आश्रय: डिलीवरी पार्टनर्स के लिए बड़ी राहत

'प्रोजेक्ट आश्रय' अमेजन इंडिया की एक कॉपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य डिलीवरी पार्टनर्स को काम के दौरान एक सुरक्षित और आरामदायक स्थान प्रदान करना है. ये वातानुकूलित (AC) विश्राम गृह साइबराबाद नगर निगम (CMC) सीमा के अंतर्गत आने वाले पांच प्रमुख क्षेत्रों में बनाए जाएंगे:

  • कोंडापुर (Kondapur)

  • तेल्लापुर (Tellapur)

  • पाटनचेरु (Patancheru)

  • भारती नगर (Bharathi Nagar)

  • चंदा नगर (Chandanagar)

ये केबिन विशेष रूप से उन डिलीवरी ड्राइवरों की समस्याओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं, जिन्हें हर मौसम में लगातार सड़कों पर काम करना पड़ता है.

विश्राम गृहों में मिलने वाली आधुनिक सुविधाएं

इन आश्रय केंद्रों में गीग वर्कर्स को काम के दौरान तरोताजा होने के लिए कई जरूरी सुविधाएं बिल्कुल मुफ्त मिलेंगी. इनमें शामिल हैं:

  • पूर्ण वातानुकूलित (AC) बैठने की जगह

  • मुफ्त वाई-फाई (Wi-Fi) और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स

  • स्वच्छ पीने का पानी

  • व्यक्तिगत सामान रखने के लिए लॉकर और साफ शौचालय

  • पर्यावरण के अनुकूल कचरा प्रबंधन प्रणाली और बिजली के लिए सौर ऊर्जा (सोलर पावर) का उपयोग

"प्रोजेक्ट आश्रय के तहत बने ये सेंटर पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित होंगे, जिससे यह पहल पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ बनती है."

सभी प्लेटफॉर्म्स के वर्कर्स के लिए होगी मुफ्त सेवा

इस पहल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इन विश्राम गृहों का उपयोग केवल अमेजन के डिलीवरी पार्टनर्स ही नहीं, बल्कि जोमैटो, स्विगी, उबर, ओला और जेप्टो जैसी किसी भी अन्य कंपनी से जुड़े गीग वर्कर्स भी पूरी तरह मुफ्त कर सकेंगे. इसे स्थापित करने और इसके रख-रखाव का पूरा खर्च अमेजन इंडिया खुद वहन करेगी.

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तेलंगाना हमेशा से कड़ी मेहनत करने वालों का सम्मान करता है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'आश्रय' केंद्रों की स्थापना से हैदराबाद अधिक संवेदनशील और बेहतर शहर बनेगा.

देश भर में नेटवर्क का विस्तार

अमेजन इंडिया के ऑपरेशंस डायरेक्टर सलीम मेमन ने कहा कि यह पहल इस सोच पर आधारित है कि हर डिलीवरी पार्टनर काम के दौरान थोड़े आराम का हकदार है. उन्होंने बताया कि हैदराबाद में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट कंपनी की उस राष्ट्रव्यापी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत साल 2026 के अंत तक पूरे भारत में ऐसे 'आश्रय' केंद्रों की संख्या को बढ़ाकर 250 करने का लक्ष्य रखा गया है.