देश की खबरें | दिल्ली के लिए शेष भारत से अलग नियम क्यों: आप ने संस्थागत पृथक-वास के आदेश पर उठाए सवाल

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नयी दिल्ली, 20 जून आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं ने कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को पांच दिन संस्थागत पृथक-वास में रखे जाने के उपराज्यपाल अनिल बैजल के आदेश का शनिवार को विरोध करते हुए सवाल किया कि दिल्ली के लिए शेष भारत से अलग नियम क्यों लागू किया गया है।

‘आप’ के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने उपराज्यपाल के आदेश का विरोध करते हुए कहा कि केंद्र ‘‘तानाशाही’’ कर रहा है।

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सिंह ने ट्वीट किया, ‘‘केंद्र की भाजपा सरकार तानाशाही पर उतारू है। जो लोग अपने घरों में ठीक हो सकते हैं, भाजपा उन्हें 47 डिग्री सेल्सियस की तपती गर्मी में रेल कोच में क्यों रखना चाहती है? भाजपा के नेता रेल कोच की आग भट्टी में दो दिन रह कर दिखाएं।’’

उन्होंने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशा-निर्देश कहते हैं कि मामूली लक्षण वाले लोगों को घर में पृथक-वास में रखा जा सकता है, लेकिन दिल्ली के लिए अलग आदेश जारी किया गया।

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सिंह ने कहा, ‘‘यह बहुत अनुचित फैसला है।’’

आप विधायक राघव चड्ढा ने कहा कि कई लोग पृथक-वास केंद्रों में ले जाए जाने के डर से जांच ही नहीं कराएंगे।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरे विधानसभा क्षेत्र में लोगों ने मुझसे फोन करके कहा कि वे अब जांच नहीं कराएंगे। लोग इतना डरे हुए हैं।’’

चड्ढा ने कहा कि दिल्ली को 30 जून तक 15,000 बिस्तरों की आवश्यकता होगी, लेकिन इस आदेश के बाद 90,000 बिस्तरों की जरूरत पड़ेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इन बिस्तरों का प्रबंध कहां से करेंगे?’’

कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गईं आप विधायक आतिशी ने भी इस आदेश का विरोध करते हुए शुक्रवार को ट्वीट किया, ‘‘घर में पृथक-वास में रहकर बीमारी से उबर रही कोविड-19 मरीज के तौर पर मैं केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से उपराज्यपाल द्वारा जारी उस आदेश से हैरान हूं, जिसने दिल्ली में घर में पृथक-वास को समाप्त करके पांच दिन के संस्थागत पृथक-वास को अनिवार्य बना दिया है।’’

उन्होंने कहा कि घर में पृथक-वास का विकल्प समाप्त करने से संक्रमण और फैलेगा तथा कई लोग संस्थागत पृथक-वास में रखे जाने के भय से अपनी जांच नहीं कराएंगे।

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शुक्रवार को आदेश दिया था कि कोविड-19 के प्रत्येक मरीज को घर में पृथक-वास की जगह पांच दिन संस्थागत पृथक-वास केंद्र में रहना जरूरी होगा।

दिल्ली में शुक्रवार तक कोरोना वायरस संक्रमण के 53,116 मामले सामने आ चुके हैं जिनमें से 2,035 लोगों की मौत हो चुकी है।

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