देश की खबरें | जब काम ही बंद कर दिए गए हैं, तो भ्रष्टाचार का कोई सवाल ही नहीं है: कर्नाटक ठेकेदार संघ
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बेंगलुरु, 11 अगस्त कर्नाटक राज्य ठेकेदार संघ ने शुक्रवार को दावा किया कि राज्य में सार्वजनिक नागरिक अनुबंधों को देने और बिल की मंजूरी से संबंधित भ्रष्टाचार का कोई सवाल ही नहीं है, क्योंकि मई में नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद से सभी काम रोक दिए गए हैं।
संघ के अध्यक्ष डी. केम्पन्ना ने कहा कि किसी भी ठेकेदार ने उनसे भ्रष्टाचार के बारे में बात नहीं की है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम उन्हें (कांग्रेस को) न तो अभी ईमानदार कहेंगे और न ही भविष्य में। अभी हमारे साथ यह हो रहा है कि पिछले तीन महीने से कोई काम नहीं हो रहा है। काम होगा तभी भ्रष्टाचार होगा। वे (कांग्रेस) ‘सत्य हरिश्चंद्र’ हैं या नहीं, यह तभी पता चलेगा जब काम होगा। यहां कोई काम ही नहीं हुआ है।’’
केम्पन्ना ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने पिछली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के दौरान ठेकेदारों द्वारा किए गए सार्वजनिक कार्यों की जांच के लिए एक न्यायाधीश को नियुक्त किया है।
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद सिद्धरमैया ने 20 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार ने भाजपा की पिछली सरकार के दौरान हुए कथित घोटालों की जांच के आदेश दिए हैं और जांच पूरी होने तक ठेकेदारों के लंबित बिल का भुगतान जारी करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) न्यायमूर्ति बी. वीरप्पा के नेतृत्व में न्यायिक जांच का आदेश दिया है।
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