देश की खबरें | निर्वाचन आयोग को अपने भवन में बैठने की क्या जरूरत, भाजपा मुख्यालय में बैठे: कांग्रेस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला और उस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘‘गुलामी करने’’ तथा प्रदेश के 20 प्रतिशत मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया।

नयी दिल्ली, तीन जुलाई कांग्रेस ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला और उस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘‘गुलामी करने’’ तथा प्रदेश के 20 प्रतिशत मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया।

मुख्य विपक्षी दल ने आयोग के शीर्ष पदाधिकारियों पर निशाना साधते हुए यह तंज भी कसा कि उन्हें निर्वाचन भवन में बैठने की क्या जरूरत है, उन्हें भाजपा मुख्यालय की एक मंजिल पर बैठना चाहिए।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि विशेष पुनरीक्षण के मुद्दे पर जब बुधवार शाम ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के नेता आयोग पहुंचे तो वहां उनके साथ ‘‘मनमाना रवैया’’ दिखाया गया। उन्होंने कहा कि इस संवैधानिक संस्था का ऐसा व्यवहार लोकतंत्र की बुनियादी संरचना को कमजोर करता है।

रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा कि आखिर इस आयोग के अभी कितने ‘मास्टर स्ट्रोक’ देखने बाकी हैं।

रमेश ने दावा किया कि प्रत्येक दल से सिर्फ दो प्रतिनिधियों को ही मिलने की अनुमति दी गई जिससे कई नेता आयोग के सदस्यों से मुलाकात नहीं कर सके तथा वह स्वयं लगभग दो घंटे तक प्रतीक्षालय में बैठे रहे।

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि आयोग ने सभी दलों के दो-दो प्रतिनिधियों से मिलने का फैसला किया ताकि सभी के विचारों को सुना जा सके।

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम सभी के पास वोट देने का एक महत्वपूर्ण अधिकार है, जिसके ऊपर साजिशन चोट करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग मोहरा है, जो ये कदम उठा रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हैरानी की बात है कि जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी या राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे महाराष्ट्र की मतदाता सूची देने और मतदान वाले दिन की सीसीटीवी फुटेज की मांग करते हैं तो महीनों तक आयोग का जवाब नहीं आता है, लेकिन यहां एक महीने में पूरे बिहार की नयी मतदाता सूची तैयार कर दी जाएगी।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर बहुत बड़ा खतरा मंडरा रहा है और ये खतरा सिर्फ विपक्ष के लिए नहीं, बल्कि हर एक मतदाता के लिए है।

खेड़ा ने दावा किया, ‘‘हमने निर्वाचन आयोग से मिलने का समय मांगा। आयोग द्वारा हमें अपमानजनक तरीके से कहा गया कि जिस व्यक्ति के माध्यम से समय मांगा गया है, वो अनधिकृत हैं। हमें आयोग से मिलकर आभास हुआ कि हम गलत पते पर चले गए हैं। चुनाव आयोग को अपने भवन में बैठने की जरूरत नहीं है। उन्हें भाजपा मुख्यालय की एक मंजिल पर बैठ जाना चाहिए।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘निर्वाचन आयोग अगर बिचौलिया है, तो हम बिचौलियों से क्यों मिलें, हम सीधा भाजपा से बात करेंगे।’’

खेड़ा ने यह भी कहा, ‘‘माफ कीजिएगा, लेकिन निर्वाचन आयोग किसी पार्टी का बिचौलिया नहीं हो सकता। सभी को अपने दायरे में रहकर काम करना होगा, यही लोकतंत्र की परि है।’’

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