देश की खबरें | पश्चिम बंगाल के प्राचार्यों के संगठन ने रैगिंग के प्रति 'शून्य सहनशीलता' का आह्वान किया

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कोलकाता, 19 अगस्त पश्चिम बंगाल में कॉलेज प्राचार्यों के एक प्रतिनिधि निकाय ने राज्य के सभी कॉलेज के प्राधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिये कहा है कि कॉलेज परिसरों में छात्रों को डराने-धमकाने की एक भी घटना न हो।

यादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) में बीते सप्ताह कथित तौर पर रैगिंग और यौन उत्पीड़न के बाद स्नातक के प्रथम वर्ष के एक छात्र की मौत के बाद यह मुद्दा सुर्खियों में है।

'ऑल बंगाल प्रिंसिपल्स काउंसिल' (एबीपीसी) ने विश्वविद्यालयों से संबंद्ध कॉलेज के प्राचार्यों, वरिष्ठ संकाय सदस्यों को शामिल करते हुए उच्चाधिकार प्राप्त समितियां बनाने का आह्वान किया। यह समिति नियमित आधार पर परिसरों का दौरा करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में कॉलेज में रैगिंग की एक भी घटना न हो।"

इस महीने की शुरुआत में जेयू के पुरुष छात्रावास में 17 वर्षीय छात्र की मौत का जिक्र करते हुए, परिषद ने कहा कि एक प्रमुख संस्थान में ऐसी घटना "पूरी तरह से अस्वीकार्य" है।

परिषद के अध्यक्ष श्यामलेन्दु चटर्जी और महासचिव इंद्रनील कर ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, "हम यादवपुर विश्वविद्यालय के अधिकारियों से शांति बनाए रखने और छात्रों में विश्वास बहाल करने के लिये तुरंत कदम उठाने की अपील करते हैं। यदि आवश्यक पड़े तो एबीपीसी की ओर से हम उनके प्रयासों में आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिये तैयार हैं।"

परिषद ने कॉलेजों के प्राचार्यों से अनुरोध किया कि वे "अपने संबंधित परिसरों में रैगिंग के प्रति शून्य सहनशीलता सुनिश्चित करें"।

बयान के मुताबिक, "हम विश्वविद्यालयों से प्राचार्यों, वरिष्ठ संकाय सदस्यों को शामिल करते हुए उच्चाधिकार प्राप्त समितियां बनाने का अनुरोध करते हैं। समिति को नियमित आधार पर विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का दौरा करना चाहिए और इस तरह छात्रों के बीच विश्वास सुनिश्चित करना चाहिए।"

नए छात्रों के लिए अलग छात्रावास भवन या ब्लॉक की व्यवस्था करने में छोटे उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा सामना की जाने वाली समस्या को स्वीकार करते हुए, प्रिंसिपल्स काउंसिल ने कहा कि बड़े संस्थान पहले नए छात्रों के लिए एक अलग छात्रावास में आवास आवंटित करने के कदम पर विचार कर सकते हैं।

नादिया जिले के बगुला निवासी स्वप्नदीप कुंडू नामक छात्र, नौ अगस्त की रात करीब पौने 12 बजे मुख्य छात्रावास की बालकनी से कथित रूप से गिर पड़ा था और अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

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