जरुरी जानकारी | अमेरिकी बाजारों में कमजोर रुख, एफआईआई की निकासी से सेंसेक्स 75 हजार से नीचे आया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. प्रमुख शेयर सूचकांकों में सोमवार को लगातार पांचवें दिन गिरावट जारी रही और बीएसई सेंसेक्स 850 अंक से अधिक टूटकर 75,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया।
मुंबई, 24 फरवरी प्रमुख शेयर सूचकांकों में सोमवार को लगातार पांचवें दिन गिरावट जारी रही और बीएसई सेंसेक्स 850 अंक से अधिक टूटकर 75,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया।
बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि अमेरिकी बाजार में कमजोरी और जवाबी शुल्क लगाए जाने को लेकर चिंताओं के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी जारी रही।
इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 856.65 अंक यानी 1.14 प्रतिशत टूटकर 74,454.41 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 923.62 अंक तक लुढ़क गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 242.55 अंक यानी 1.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,553.35 पर बंद हुआ।
पिछले पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 1,542.45 अंक यानी दो प्रतिशत गिर चुका है। इस दौरान निफ्टी में 406.15 अंक यानी 1.76 प्रतिशत की गिरावट आई।
सेंसेक्स के शेयरों में एचसीएल टेक, जोमैटो, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, टाटा स्टील और एनटीपीसी में उल्लेखनीय गिरावट हुई।
दूसरी ओर महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति, नेस्ले और आईटीसी बढ़त के साथ बंद हुए।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 3,449.15 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
इस महीने अब तक विदेशी निवेशकों ने इक्विटी बाजारों से 23,710 करोड़ रुपये से अधिक निकाले हैं। इसके साथ ही 2025 में कुल निकासी एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, ''बाजार अमेरिका के उच्च जवाबी शुल्क लगाने की आशंका से अधिक चिंतित है, जिसका असर भारत सहित विकासशील देशों पर पड़ सकता है। साथ ही, एफआईआई की भारत से निकासी की रणनीति जारी रहने से बाजारों पर भारी दबाव बना हुआ है।''
उन्होंने कहा, ''बैंक, आईटी, दूरसंचार और अन्य परंपरागत अर्थव्यवस्था क्षेत्रों में भारी बिकवाली के कारण सेंसेक्स 75 हजार अंक के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बंद हुआ।''
क्षेत्रवार बात करें तो बीएसई आईटी में 2.60 प्रतिशत, प्रौद्योगिकी में 2.56 प्रतिशत, दूरसंचार में 2.26 प्रतिशत, धातु में 2.16 प्रतिशत, जिंस में 1.53 प्रतिशत और जन-केंद्रित सेवाओं से जुड़ी कंपनियों में 1.42 प्रतिशत की गिरावट आई। दूसरी ओर वाहन और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियां (एफएमसीजी) लाभ में बंद हुईं।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग के हैंगसेंग में गिरावट हुई। जापान का निक्की छुट्टी के कारण बंद था।
यूरोपीय बाजार ज्यादातर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि प्रतिकूल वैश्विक परिस्थितियों ने घरेलू बाजार पर दबाव बनाना जारी रखा है और लगातार अस्थिरता के कारण खुदरा निवेशकों में अनिश्चितता पैदा हो रही है।
छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में 1.31 प्रतिशत की गिरावट आई और मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.78 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.04 प्रतिशत बढ़कर 74.46 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर पहुंच गया।
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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 24, 2025 06:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

