जरुरी जानकारी | कमजोर वैश्विक रुख से शेयर बाजार में गिरावट जारी, सेंसेक्स 200 अंक टूटा
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मुंबई, 10 अक्टूबर वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच स्थानीय शेयर बाजार में सोमवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई और बीएसई सेंसेक्स 200 अंक से अधिक टूटकर बंद हुआ।
यूक्रेन संकट गहराने के बीच विदेशी बाजारों में बिकवाली के रुख और अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक वृद्धि की आशंका से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई जिससे बाजार में गिरावट आई।
कारोबारियों के अनुसार, विदेशी निवेशकों की निकासी के बीच अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने से भी बाजार धारणा पर असर पड़ा।
दिन में कारोबार के दौरान 800 अंक से अधिक गिरने के बाद तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 200.18 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,991.11 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 73.65 अंक यानी 0.43 प्रतिशत टूटकर 17,241 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में एशियन पेंट्स में सबसे अधिक 1.99 प्रतिशत की गिरावट आई। टाइटन, आईटीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी और नेस्ले इंडिया के शेयर भी प्रमुख रूप से गिरावट में रहे।
दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में एक्सिस बैंक, टीसीएस, मारुति, विप्रो, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक्नोलॉजीज शामिल हैं।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका के मजबूत रोजगार के आंकड़ों के कारण अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कम आपूर्ति और उच्च मांग को देखते हुए अमेरिका में मुद्रास्फीति ऊंची रहने का अनुमान है।’’
नायर ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और रुपये में गिरावट से भारत में विदेशी कारकों से आने वाली मुद्रास्फीति का खतरा बढ़ रहा है, जिससे घरेलू बाजार प्रभावित हो रहा है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा अनुसंधान प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि वैश्विक कारकों और यूक्रेन में बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण भारतीय शेयर दबाव में आ गए।
इसके अलावा व्यापक बाजार में बीएसई मिडकैप 0.87 प्रतिशत और स्मॉलकैप 0.58 प्रतिशत गिर गया।
रूस की मुख्य भूमि को क्रीमिया से जोड़ने वाले पुल पर हुए विस्फोट के जवाब में रूस के यूक्रेन पर बम विस्फोटों के बाद वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव आया।
एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 97.14 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 2,250.77 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 10, 2022 05:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

