देश की खबरें | हमे यकीन ही नहीं हुआ कि जब इतने लोगों की मौत हो गई तब हम बच गएः चेन्नई पहुंचे यात्रियों ने कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा में हुए रेल हादसे में सकुशल बचे तीन यात्रियों ने शनिवार को यहां पहुंचने पर दावा किया कि मृतक संख्या जितनी बताई जा रही है उससे कहीं अधिक हो सकती है क्योंकि अनारक्षित डिब्बे खचाखच भरे थे और उनमें ज्यादातर तमिलनाडु या केरल जा रहे प्रवासी श्रमिक सवार थे।

चेन्नई, तीन जून ओडिशा में हुए रेल हादसे में सकुशल बचे तीन यात्रियों ने शनिवार को यहां पहुंचने पर दावा किया कि मृतक संख्या जितनी बताई जा रही है उससे कहीं अधिक हो सकती है क्योंकि अनारक्षित डिब्बे खचाखच भरे थे और उनमें ज्यादातर तमिलनाडु या केरल जा रहे प्रवासी श्रमिक सवार थे।

कोलकाता में कार्यरत रामनाथपुरम निवासी नागेंद्रन दुर्घटना की चपेट में आयी शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस में सवार थे। नागेंद्रन आज दोपहर चेन्नई हवाई अड्डे पर उतरे। उन्होंने कहा, ‘‘ जैसे ही हादसा हुआ, मुझे लगा कि मैं मौत के मुंह में समा गया हूं। मैं कल कोरोमंडल एक्सप्रेस से कोलकाता से चेन्नई के लिए रवाना हुआ था। यह हादसा बालासोर के समीप हुआ।’’

उन्होंने कहा कि कोरोमंडल ट्रेन के चालक ने मालगाड़ी देखकर ब्रेक लगाए जिसकी वजह से बड़ी संख्या में यात्रियों की जान बच गयी। उन्होंने कहा कि शयनयान एवं सामान्य श्रेणी के डिब्बे सबसे अधिक प्रभावित हुए।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं बी 1 डिब्बे (वातानुकूलित कोच) में था। बी1 से बी 4 डिब्बे अप्रभावित रहे। बी 5 डिब्बा पटरी से उतर गया। दुर्घटनास्थल पर सबसे पहले स्वयंसेवक पहुंचे और उन्होंने मदद की। चारों तरफ अंधेरा था। हमें कुछ भी स्पष्ट नहीं देख पा रहे थे.. एसी डिब्बे में मौजूद हम सब लोगों को विश्वास ही नहीं हुआ कि इतने सारे लोग मर गये और हम बच गये। ’’

चेन्नई हवाई अड्डे पर उतरी एक युवती (यात्री) ने मीडियाकर्मियों ने कहा, ‘‘ हमे लगा कि ट्रेन पटरी से उतर गई है। रोशनी मद्धिम हो गयी। चारों ओर धुंआ फैला था। मुझे पक्का पता नहीं है कि कितनी ट्रेन हादसे में शामिल थीं। हम भयभीत थे। डिब्बे के अंदर यात्री सुरक्षित थे। कुछ को मामूली चोटें आयीं। स्वयंसेवकों की मदद से बुजुर्गों को डिब्बे से निकाला गया।’’

चेन्नई के एक कॉलेज की छात्रा राजलक्ष्मी इंटर्नशिप के लिए कोलकाता गयी थी। उसने हादसे को याद करते हुए कहा कि आकस्मिक टक्कर और पटरी उतरने का असर इतना अधिक था कि उसके डिब्बे में यात्री नीचे गिर गये और एक यात्री के नाक से खून बहने लगा।

उसने कहा कि अनारक्षित डिब्बों में सफर कर रहे अनेक यात्री तमिलनाडु या केरल जा रहे प्रवासी श्रमिक जान पड़े। उसने कहा, ‘‘ मैने उनमें से कई को अपने परिजनों की मौत पर रोते-बिलखते देखा। ’’

तेनकाशी जिले के यात्री रमेश ने कहा कि यह हादसा विनाशकारी था। उन्होंने कहा, ‘‘ अभी जितने लोगों की मौत का अंदाजा लगाया जा रहा है, मृतकों की संख्या उससे कहीं अधिक हो सकती है।’’

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