देश की खबरें | निजी एंबुलेंस की सेवा लेने पर कर रहे हैं विचार : महाराष्ट्र सरकार, बीएमसी ने अदालत से कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र सरकार और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने शुक्रवार को बम्बई उच्च न्यायालय को बताया कि वे कोविड-19 महामारी के दौरान राज्य में निजी तौर पर संचालित एंबुलेंस की सेवा लेने पर विचार कर रहे हैं।
मुंबई, पांच जून महाराष्ट्र सरकार और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने शुक्रवार को बम्बई उच्च न्यायालय को बताया कि वे कोविड-19 महामारी के दौरान राज्य में निजी तौर पर संचालित एंबुलेंस की सेवा लेने पर विचार कर रहे हैं।
राज्य सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोनी और बीएमसी की ओर पेश हुए अनिल साखरे ने अदालत को बताया कि अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए अन्य विकल्प तलाश रहे हैं कि निजी तौर पर संचालित एंबुलेंस का सड़कों पर चलना शुरू हो जाए।
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अदालत को साथ ही यह भी बताया गया कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) को अपनी वेबसाइट पर किसी विशेष क्षेत्र में संचालित निजी एंबुलेंस के सम्पर्क नम्बर प्रकाशित करने का निर्देश दिया जाएगा।
यह भरोसा मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्त और न्यायमूर्ति अमजद सईद की एक खंडपीठ को दिया गया जो पूर्व सांसद किरीट सोमैया की ओर से दायर एक अर्जी पर सुनवायी कर रही थी। सोमैया ने उक्त अर्जी शहर में एंबुलेंस की कमी पर चिंता जताते हुए दायर की है।
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सरकार द्वारा समय मांगे जाने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवायी की तिथि नौ जून निर्धारित की।
याचिका के अनुसार महानगर में 20 मार्च तक तीन हजार एंबुलेंस थीं जिनमें निजी एंबुलेंस भी शामिल थीं। हालांकि कोरोना वायरस फैलने के बाद से उपलब्ध एंबुलेंस की संख्या कम होकर 100 के करीब रह गई है।
सोमैया के वकील गौरव मेहता और शिवानी अग्रवाल ने कहा कि शहर में कोविड-19 मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है और ऐसी स्थिति में एम्बुलेंसों की कमी है।
याचिका में कहा गया कि सरकार की तरफ से संचालित ‘108’ एंबुलेंस सेवा के पास मुंबई में 93 एंबुलेंस हैं जबकि निजी संचालक करीब तीन हजार एंबुलेंस चलाते हैं।
इसमें कहा गया है, ‘‘यह देखना निराशाजनक है कि महामारी के दौरान निजी एंबुलेंस की संख्या में काफी कमी आई है।’’
सोमैया ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और नगर निकाय इस मुद्दे की अनदेखी कर रहे हैं और उन्होंने एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है।
सोमैया ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया कि वे शहर में एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने के लिए तुरंत कदम उठाएं।
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