देश की खबरें | भोपाल में परीक्षा ‘घोटाले’ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्य प्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा "घोटाले" के खिलाफ यहां शनिवार को प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
भोपाल, 15 जुलाई मध्य प्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा "घोटाले" के खिलाफ यहां शनिवार को प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि महिला सदस्यों सहित पार्टी के कई कार्यकर्ता घायल हो गए।
कांग्रेस की जिला इकाई ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए भोपाल में पटवारी (राजस्व विभाग कर्मचारी) भर्ती परीक्षा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था।
कांग्रेस विधायक पी सी शर्मा ने आरोप लगाया कि शनिवार को पुलिस द्वारा बल प्रयोग के कारण पार्टी के भोपाल जिला अध्यक्ष मोनू सक्सेना और महिला कार्यकर्ताओं सहित कई कार्यकर्ता घायल हो गए।
शर्मा ने कहा कि गंभीर चोटों के कारण सक्सेना को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार की।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजेश भदौरिया ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई बल प्रयोग नहीं किया गया। उन्होंने कहा, "उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया गया।"
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लगी चोटों के बारे में पूछे जाने पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पर चढ़ने की कोशिश की तो वे उन पर गिर गए।
बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा ने पटवारी भर्ती परीक्षा में घोटाले का आरोप के साथ ही मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर जांच का आदेश देने से कतराने का आरोप लगाया था।
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा मार्च-अप्रैल के दौरान आयोजित परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ बेरोजगार युवाओं ने भोपाल और इंदौर सहित राज्य के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया है। नतीजे जून के अंतिम सप्ताह में घोषित किये गये थे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने बुधवार को इसे एक और व्यापम घोटाला बताया और आरोप लगाया कि केवल भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का चयन किया गया।
मध्य प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आरोपों से इनकार किया है।
यादव ने दावा किया था कि चुने गए दस उम्मीदवारों में से आठ ग्वालियर-चंबल संभाग से थे और उनमें से सात उम्मीदवार भाजपा विधायक के स्वामित्व वाले कॉलेज के परीक्षा केंद्र से हैं।
अनियमितताओं के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को ट्वीट किया, ‘‘एक केंद्र पर पटवारी भर्ती परीक्षा पर संदेह जताया जा रहा है। मैं भर्ती परीक्षा परिणाम के आधार पर होने वाली नियुक्तियों पर रोक लगा रहा हूं। केंद्र के परिणाम की दोबारा जांच होगी।’’
कांग्रेस ने भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की न्यायिक या सीबीआई जांच की मांग की है।
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