मुंबई, 29 जुलाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुंबई इकाई के प्रमुख आशीष शेलार ने शनिवार को हैरानी जताते हुये पूछा कि क्या उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना नानार रिफाइनरी परियोजना का विरोध करके पाकिस्तान की मदद कर रही थी। इस परियोजना को महाराष्ट्र में स्थापित किया जाना था।
भाजपा की तत्कालीन गठबंधन सहयोगी शिवसेना (अविभाजित) ने तटीय रत्नागिरी जिले में प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों के एक वर्ग के साथ आगामी ग्रीनफील्ड परियोजना का विरोध किया था।
शेलार की आलोचना उस खबर के एक दिन बाद आई है जिसमें दावा किया गया था कि पाकिस्तान की सरकारी स्वामित्व वाली चार पेट्रोलियम कंपनियों ने ग्वादर बंदरगाह में 10 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के साथ पाकिस्तान की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी बनाने के लिए सऊदी अरब के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है।
भाजपा विधायक ने आश्चर्य जताया कि क्या परियोजना पर शिवसेना (यूबीटी) के विरोध से कोंकण, महाराष्ट्र और भारत को नुकसान हुआ है।
शेलार ने ट्वीट में एक खबर का हवाला दिया जिसमें सऊदी अरब की कंपनी अरामको द्वारा ग्वादर में पाकिस्तान की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी बनाने के लिए 10 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की बात कही गई थी।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘क्या अंतरराष्ट्रीय ताकतें, जो यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही थीं कि परियोजना भारत को न मिले, नानार विरोध प्रदर्शन का हिस्सा थीं। क्या प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्र-विरोधी ताकतों से हाथ मिला लिया।’’
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या शिवसेना (यूबीटी) नानार परियोजना का विरोध करके पाकिस्तान की मदद कर रही थी।
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