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ताजा खबरें | वक्फ धार्मिक संस्था नहीं वैधानिक संस्था है, पिछड़े मुसलमानों को इसमें जगह दी जाएगी: रविशंकर प्रसाद

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद रविशंकर प्रसाद ने वक्फ को धार्मिक संस्था के बजाय ‘‘वैधानिक संस्था’’ करार देते हुए बुधवार को लोकसभा में कहा कि मौजूदा कानून में संशोधन के जरिये यदि पिछड़े मुसलमानों को भी इसमें जगह देने की बात कही जा रही है तो इसमें विपक्षी दलों को क्या परेशानी है।

ताजा खबरें | वक्फ धार्मिक संस्था नहीं वैधानिक संस्था है, पिछड़े मुसलमानों को इसमें जगह दी जाएगी: रविशंकर प्रसाद

नयी दिल्ली, दो अप्रैल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद रविशंकर प्रसाद ने वक्फ को धार्मिक संस्था के बजाय ‘‘वैधानिक संस्था’’ करार देते हुए बुधवार को लोकसभा में कहा कि मौजूदा कानून में संशोधन के जरिये यदि पिछड़े मुसलमानों को भी इसमें जगह देने की बात कही जा रही है तो इसमें विपक्षी दलों को क्या परेशानी है।

उन्होंने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि देश में वक्फ की आठ लाख संपत्ति है, लेकिन इनमें से कितने पर स्कूल, अस्पताल बने, कौशल विकास केंद्र खोले गए, अनाथालय बने और विधवाओं या बेटियों को सिलाई-कढ़ाई सिखाने की व्यवस्था की गई?

भाजपा सांसद ने विपक्षी दलों पर हमला करते हुए सवाल किया, ‘‘वक्फ की फंडिंग बढ़ने पर उस जमात का कल्याण होगा तो उन्हें क्या परेशानी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप इस विधेयक का विरोध क्यों कर रहे हैं? आपको इस विधेयक से क्या परेशानी है? क्या आप नहीं चाहते कि वक्फ की संपत्ति गरीबों, पसमांदा मुसलमानों और बेटियों के काम आए...।’’

पूर्व कानून मंत्री ने कहा, ‘‘मैं जिस प्रदेश, बिहार से आता हूं वहां पिछड़े मुसलमान भी हैं। उत्तर प्रदेश में भी बड़ी संख्या में ये लोग हैं। लेकिन पसमांदा (पिछड़े) मुसलमानों को वक्फ में अधिकार नहीं मिलता। यदि पिछड़े मुसलमानों को भी वक्फ में जगह देने की बात की जा रही, तो उन्हें क्या परेशानी है?’’

उन्होंने विपक्षी दलों के कुछ नेताओं पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘आजकल लाल किताब लेकर बहुत से लोग घूमते हैं, जब भी कोई बात होती है इसे दिखाया जाता है।’’

उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 15 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें लिखा है कि सरकार महिलाओं के विकास के लिए कानून बना सकती है, अब वक्फ में उनकी भूमिका के लिए कानून लाया जा रहा तो यह गैर कानूनी कैसे हो गया।

प्रसाद ने कहा कि इसी अनुच्छेद में यह भी लिखा है कि सरकार सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए काम कर सकती है और वक्फ अधिनियम में संशोधन की अनुमति अनुच्देद 15 से मिलती है।

उन्होंने कहा, ‘‘सदन में कांग्रेस के उपनेता (गौरव गोगोई) ने अनुच्छेद 25 का जिक्र किया। मैं कहना चाहता हूं कि वक्फ की जमीन यदि बर्बाद हो रही, लूटी जा रही, हड़पी जा रही, तो संविधान का अनुचछेद 25 इसपर कानून बनाने का अधिकार देता है। वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं है, बल्कि यह सिर्फ वैधानिक संस्था है।’’

भाजपा सांसद ने एक किताब का हवाला देते हुए कहा, ‘‘मुतवल्ली ‘मैनेजर (प्रबंधक)’ होता है और मुतवल्ली को वक्फ से जुड़ी संपत्तियों पर कोई अधिकार नहीं है बल्कि वह महज एक ‘मैनेजर’ है लेकिन विपक्ष को परेशानी इस बात की है कि मुतवल्ली के उपर ‘कंट्रोल (नियंत्रण)’ नहीं होना चाहिए।’’

प्रसाद ने कहा कि वक्फ की आठ लाख संपत्ति है, यह दुनिया की सबसे बड़ी संपत्ति है और मुतवल्ली उनका प्रबंधन करते हैं। उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या मुतवल्ली की जवाबदेही होती है?

उन्होंने कहा, ‘‘अगर ‘वक्फ’ देने वालों की संपत्ति लूटी जा रही तो क्या खामोशी चलेगी?’’

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राजीनितक मजबूरी इनके पैर पीछे खींचती है और बहुत सालों से उनका राग, सुर तीखापन और वही है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 02, 2025 04:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).