विदेश की खबरें | पोलैंड में संसदीय चुनाव के लिए मतदान, लॉ एंड जस्टिस और ‘सिविक कॉयलेशन’ के बीच मुकाबला

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. लॉ एंड जस्टिस पार्टी का 3.8 करोड़ की आबादी वाले देश पोलैंड में व्यापक समर्थक आधार रहा है। पार्टी के समर्थक कैथोलिक परंपराओं की रक्षा करने और पेंशनधारियों तथा परिवार कल्याण योजनाओं को लेकर इसकी प्रशंसा करते रहे हैं। इन योजनाओं से गरीब लोगों को राहत मिलने का दावा किया जाता रहा है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

लॉ एंड जस्टिस पार्टी का 3.8 करोड़ की आबादी वाले देश पोलैंड में व्यापक समर्थक आधार रहा है। पार्टी के समर्थक कैथोलिक परंपराओं की रक्षा करने और पेंशनधारियों तथा परिवार कल्याण योजनाओं को लेकर इसकी प्रशंसा करते रहे हैं। इन योजनाओं से गरीब लोगों को राहत मिलने का दावा किया जाता रहा है।

हालांकि 2019 में हुए पिछले चुनाव के बाद से पार्टी का जनाधार सिखकता रहा है। उस चुनाव में पार्टी को अत्यधिक महंगाई, भाई-भतीजावाद के आरोपों और यूरोपीय सहयोगियों के साथ मनमुटाव के बीच 44 प्रतिशत वोट मिले थे।

वहीं विपक्षी सिविक कोअलिशन और दूसरे दलों- ‘थर्ड वे’ व ‘न्यू लेफ्ट’ ने प्रचार अभियान के दौरान सत्ता में आने पर कानून का शासन स्थापित करने तथा यूरोपीय संघ व अन्य सहयोगियों के साथ संबंध सुधारने का वादा किया।

चुनाव में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के लगभग 2.9 करोड़ लोग मतदान के पात्र हैं। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और रात नौ बजे तक जारी रहेगा।

सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ टोमाज ड्रूजिंस्की ने वारसॉ में मतदान करते हुए कहा कि उनका मानना है कि परिवर्तन संभव है।

उन्होंने कहा, “मैं इसमें विश्वास करता हूं और मुझे लगता है कि आठ वर्षों में कुछ बदलने का यह पहला मौका है। और मुझे उम्मीद है कि यह बदलाव आएगा।

सत्तारूढ़ दल के 80 वर्षीय समर्थक जान मोलक ने पार्टी को अधिक न्यायपूर्ण आर्थिक व्यवस्था बनाने और हाल के वर्षों में विकास का श्रेय दिया।

वारसा में मतदान के बाद उन्होंने कहा, ''चीजें बेहतर से बेहतर होती जा रही हैं।''

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