विदेश की खबरें | ट्रंप समर्थकों को अपने पक्ष में करने में जुटे विवेक रामास्वामी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

महिला ने कहा, ‘‘मैं जानती हूं कि आप राष्ट्रपति बनना चाहते हैं, लेकिन क्या आप ट्रंप का उपराष्ट्रपति बनने पर विचार करेंगे?’’

इस सवाल पर माहौल विनोदपूर्ण हो गया और रामास्वामी ने इसका लंबा-चौड़ा जवाब दिया। (संक्षेप में कहे तो उनका जवाब था-नहीं)।

इस सवाल ने उस मुख्य चुनौती को भी उजागर कर दिया जिसका सामना दौलतमंद उद्यमी रामास्वामी कर रहे हैं। उनके समक्ष ट्रंप समर्थकों को अपने पक्ष में करने की चुनौती है और इस काम में वे जुट गये हैं। वे जितना अधिक कहेंगे कि वह ट्रंप का सम्मान करते हैं, उतना ही उनके लिए बेहतर होगा।

करीब छह महीने पहले दौड़ में शामिल होने के बाद रामास्वामी कम पहचाने जाने वाले नेता होने के बावजूद रिपब्लिकन प्राइमरी चुनाव में तीसरे स्थान पर पहुंच गये।

मतदाताओं की दिलचस्पी रामास्वामी के प्रति बढ़ रही है, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब भी बहुत से रूढ़िवादियों के पसंदीदा नेता बने हुए हैं।

वह अधिक से अधिक मतदाताओं को बड़ी संजीदगी से यह समझाने के लिए काम कर रहे हैं कि वह उनके उम्मीदवार हो सकते हैं।

आयोवा के वेल में एक कैवर्नस वेल्डिंग कंपनी के वर्कशेड में आयोजित टाउन हॉल के बाद रामास्वामी ने कहा, ‘‘बहस महत्वपूर्ण होगी, लेकिन मुझे लगता है कि हम जिस पथ पर चल रहे हैं, उसी पर चलते रहेंगे।’’ वह आयोवा राज्य मेले के लिए शनिवार को आयोवा लौट आए। पहली रिपब्लिकन प्राइमरी बहस के होने में केवल हफ्तेभर से कुछ अधिक समय शेष रह गया है।

रामास्वामी का कहना है कि वह और अन्य लोग सरकार पर भरोसा नहीं कर सकते क्योंकि सरकार सच नहीं बताती है। उनका कहना है कि इसी चीज ने उन्हें उस अदालत की यात्रा करने के लिए प्रेरित किया, जहां ट्रंप को इस महीने की शुरुआत में आरोपों पर पेश होना था।

आयोवा में अपने श्रोताओं से रामास्वामी ने कहा, ‘‘ईश्वर वास्तविक है और प्रति नस्लवाद (रिवर्स रेसिज्म) भी नस्लवाद है।’’

महज 38 साल के रामास्वामी राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार की दौड़ में शामिल होने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं। भारत के आप्रवासी माता-पिता के घर ओहियो में जन्मे रामास्वामी ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से जीव विज्ञान की डिग्री हासिल की और फिर ‘येल लॉ स्कूल’ से पढ़ाई पूरी की।

उन्होंने बायोटेक कंपनी शुरू करने के बाद सफलता हासिल की और पिछले साल एक परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी की स्थापना की। वह ‘वोक, इंक’ सहित कई पुस्तकों के लेखक हैं।

आयोजकों के मुताबिक रामास्वामी के टाउन हॉल के लिए आठ से अधिक काउंटी से आए करीब 200 लोगों में शुमार केली और एमी पीपर उन्हें इसलिए पसंद करते हैं कि वह ट्रंप की बहुत सी नीतियों को आगे जारी रखेंगे। दोनों ने कहा कि रामास्वामी

स्वयं को अधिक वाकपटु और आशावादी नेता के रूप में प्रस्तुत करते हैं।

केली पीपर ने कहा, ‘‘ वह आप को उम्मीद की अनुभूति कराते हैं, ना कि निराशा की।’’

केली की पत्नी एमी ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि उनके पास ट्रंप के आदर्श हैं, लेकिन वह अधिक वाकपटु हैं।’’

रिपब्लिकन उम्मीदवार बनने के लिए ट्रंप के अब तक के सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस हैं, जो लगातार दूसरे स्थान पर रहे हैं और रामास्वामी पीछे चल रहे हैं।

रामास्वामी के कार्यक्रमों में मतदाताओं ने लगातार कहा है कि वे ट्रंप के दो विकल्पों के बीच निर्णय ले रहे हैं।

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