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वायरस:सफाईकर्मियों को सुरक्षा किट दिये गये, केन्द्र ने न्यायालय को बताया

न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूति बी आर गवई की तीन सदस्यीय खंडपीठ को केन्द्र ने एक जनहित याचिका पर वीडियो कांफ्रेन्सिग के माध्यम से सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी। यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरनाम सिह ने दायर की थी जिसमें कहा गया था कि सफाईकर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं कराये गये हैं।

वायरस:सफाईकर्मियों को सुरक्षा किट दिये गये, केन्द्र ने न्यायालय को बताया
जमात

नयी दिल्ली, 15 अप्रैल केन्द्र ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि देश में सफाईकर्मियों को आवश्यक सुरक्षा किट प्रदान कर दिये गये हैं और कोरोनावायरस के संबंध में प्राधिकारी विश्व स्वास्थ संगठन के दिशा निर्देशों का पालन कर रहे हैं।

न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूति बी आर गवई की तीन सदस्यीय खंडपीठ को केन्द्र ने एक जनहित याचिका पर वीडियो कांफ्रेन्सिग के माध्यम से सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी। यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरनाम सिह ने दायर की थी जिसमें कहा गया था कि सफाईकर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं कराये गये हैं।

इस याचिका में कोरोनावायरस महामारी के बीच सफाई का काम करने वाले सफाईकर्मियों को वैयक्तिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने का निर्देश संबंधित प्राधिकारियों को देने का अनुरोध किया गया था।

केन्द्र की ओर से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को सूचित किया कि चिकित्सकों, नर्सो, मेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मचारियों सरीखे दूसरे ‘कोरोना योद्धाओं’ को आवश्यक सुरक्षा उपकरण मुहैया करा दिये गये हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता महमूद प्राचा ने दलील दी कि सफाईकर्मियों को सबसे ज्यादा खतरा है लेकिन उन्हें वैयक्तिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराये गये हैं।

प्राचा ने जब मीडिया की खबरों का हवाला दिया और कहा कि मुंबई में सफाईकर्मी की मृत्यु हो गयी थी और दूसरे हिस्सों में भी ऐसी घटनायें हुयी हैं तो पीठ ने कहा, ‘‘इस तरह के बेलाग बयान मत दीजिये।’’

मेहता ने मुंबई और दूसरे स्थानों पर सफाईकर्मियों के निधन के बारे में प्राचा के बयान पर आपत्ति की ।

पीठ ने केद्र की दलीलों पर गौर करते हुये जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया और प्राचा से कहा कि अगर उनके पास कोई विशेष मामला है तो वह राहत के लिये संबंधित उच्च न्यायालय में जा सकते हैं।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 15, 2020 02:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).