देश की खबरें | वायरस रूस टीका रूस ने ‘स्पूतनिक वी’ के विनिर्माण में भारत से सहयोग मांगा: सूत्र
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. रूस ने भारत से कोविड-19 टीके ‘स्पूतनिक वी’ के विनिर्माण और यहां इसके तीसरे चरण के परीक्षण के लिए सहयोग मांगा है।
नयी दिल्ली, 25 अगस्त रूस ने भारत से कोविड-19 टीके ‘स्पूतनिक वी’ के विनिर्माण और यहां इसके तीसरे चरण के परीक्षण के लिए सहयोग मांगा है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि कोविड-19 टीके से संबंधित राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह की 22 अगस्त को हुई पिछली बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई।
‘स्पूतनिक वी’ का विकास ‘गमालेया रिसर्च इंस्टिट्यूट ऑफ एपिडेमोलॉजी एंड माइक्रोबायलॉजी’ तथा ‘रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड’ (आरडीआईएफ) ने मिलकर किया है। टीके का तीसरे चरण का व्यापक चिकित्सकीय परीक्षण नहीं हुआ है।
इस टीके के बारे में सीमित डेटा को लेकर कई तबकों ने संदेह व्यक्त किया है।
सरकार के एक सूत्र ने कहा, ‘‘रूस सरकार ने भारत सरकार से कोविड-19 के टीके ‘स्पूतनिक वी’ के विनिर्माण और यहां इसका तीसरे चरण का परीक्षण करने के लिए सहयोग मांगा है।’’
सूत्र ने कहा, ‘‘जैव प्रौद्योगिकी विभाग और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग से मामले को देखने को कहा गया है। रूस सरकार के अधिकारियों ने ‘स्पूतिनक वी’ के बारे में कुछ सूचना और डेटा साझा किया है, जबकि टीके के प्रभाव तथा सुरक्षा से संबंधित अन्य डेटा की प्रतीक्षा की जा रही है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या रूस सरकार ने भारत में ‘स्पूतनिक वी’ के विनिर्माण के लिए कोई औपचारिक आग्रह किया है, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘जहां तक ‘स्पूतनिक वी’ टीके का सवाल है तो भारत और रूस दोनों संपर्क में हैं। कुछ शुरुआती सूचना साझा की गई है, जबकि कुछ ब्योरे की प्रतीक्षा है।’’
सूत्रों के अनुसार, भारत में रूस के राजदूत निकोलय कुदाशेव ने प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. विजय राघवन और साथ में जैव प्रौद्योगिकी तथा स्वास्थ्य अनुसंधान विभागों के सचिवों से इस संबंध में संपर्क किया है।
भारत में कोविड-19 टीके के विकास के बारे में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने मंगलवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि वर्तमान में देश में दो टीके पहले चरण का मानव परीक्षण पूरा कर चुके हैं और अब उनका दूसरे चरण का परीक्षण शुरू होगा। इनमें से एक टीका आईसीएमआर के सहयोग से भारत बायोटेक ने और दूसरा टीका जायडस कैडिला लिमिटेड ने विकसित किया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)