विदेश की खबरें | अफ्रीका के ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहा वायरस का संक्रमण
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. उत्तर-मध्य जिम्बाब्वे के एक ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली पेलागिया बवुकुरा के लिए कोविड-19 संक्रमण हमेशा एक ‘‘शहरी बीमारी’’ रही है जो राजधानी हरारे या अन्य बड़े शहरों के लोगों को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लिए कोई वायरस नहीं था। हम केवल हरारे या अन्य कस्बों में सुनते थे या जब शहर के लोग मर जाते थे और हमने उन्हें यहां दफनाया था।’’
उत्तर-मध्य जिम्बाब्वे के एक ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली पेलागिया बवुकुरा के लिए कोविड-19 संक्रमण हमेशा एक ‘‘शहरी बीमारी’’ रही है जो राजधानी हरारे या अन्य बड़े शहरों के लोगों को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लिए कोई वायरस नहीं था। हम केवल हरारे या अन्य कस्बों में सुनते थे या जब शहर के लोग मर जाते थे और हमने उन्हें यहां दफनाया था।’’
यह अब बदल रहा है। वायरस के मामलों में वृद्धि होने से अब संक्रमण अफ्रीका के ग्रामीण क्षेत्रों में भी फैल रहा है, जहां महाद्वीप के अधिकांश लोग रहते हैं। ग्रामीण इलाकों में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से, बवुकुरा जैसे निवासियों को चिंता है कि खोदी जाने वाली अगली कब्र उनके पड़ोसियों के लिए या खुद के लिए भी हो सकती है।
हरारे से 110 किलोमीटर (68 मील) दूर जविंबा के उनके गांव में अभी तक संक्रमण के मामलों में बड़ी वृद्धि दर्ज नहीं हुई है, लेकिन यह एक ऐसे प्रांत में स्थित है जो इस समय वायरस का केन्द्र बना हुआ है। बवुकुरा ने कहा, ‘‘यह अब हमारे दरवाजे पर है। यह डरावना है। हम नहीं जानते कि अपनी रक्षा कैसे करें। हमने पहले कभी ऐसी समस्या का सामना नहीं किया है।’’
यहां कई लोगों की तरह, उन्होंने मास्क नहीं पहना हुआ था और उन्हें अभी तक टीका नहीं लगाया गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अफ्रीका में वायरस के 53 लाख से अधिक मामले दर्ज किये गये है और 14-20 जून तक के सप्ताह में महाद्वीप में नए मामलों में 39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
हरारे में ‘मेडिकल एंड डेंटल प्राइवेट प्रैक्टिशनर्स ऑफ जिम्बाब्वे एसोसिएशन’ के अध्यक्ष डॉ जोहान्स मारिसा ने कहा, ‘‘यह सुरक्षा की एक खतरनाक, झूठी भावना थी। अब एक त्रासदी सामने आ रही है।’’
वायरस का डेल्टा स्वरूप कांगो, मोज़ाम्बिक, नामीबिया, युगांडा, दक्षिण अफ्रीका और ज़िम्बाब्वे सहित कम से कम 14 अफ्रीकी देशों में पाया गया है।
एपी
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