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मेघालय में पृथक किए गए परिवारों की मदद के लिये आगे आए गांव वाले

मेघालय में कोविड-19 संक्रमण से जान गंवाने वाले डॉक्टर जॉन साइलो रिनताथियांग के यहां घरेलू सहायिका के तौर पर काम करने वाली मवठारिया गांव की 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई हैं। मेघालय में कोविड-19 संक्रमण से केवल एक व्यक्ति की ही मौत हुई है।

मेघालय में पृथक किए गए परिवारों की मदद के लिये आगे आए गांव वाले
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शिलांग, एक मई मेघालय के पूर्वी खासी पर्वतीय जिले के एक गांव के निवासियों ने एक व्यक्ति के कोविड-19 से संक्रमित पाए जाने के बाद पृथक किये गए अन्य गांववासियों की मदद के लिये आगे आकर भाईचारा दिखाया है।

मेघालय में कोविड-19 संक्रमण से जान गंवाने वाले डॉक्टर जॉन साइलो रिनताथियांग के यहां घरेलू सहायिका के तौर पर काम करने वाली मवठारिया गांव की 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई हैं। मेघालय में कोविड-19 संक्रमण से केवल एक व्यक्ति की ही मौत हुई है।

गांव के सरपंच बी सुतिंग ने कहा कि महिला को शिलांग में कोविड-19 अस्पताल भेज दिया गया है जबकि उनके परिवार समेत 18 परिवारों के 35 लोगों को घरों में अलग रहने के लिये कहा गया है। हालांकि वह जांच में कोविड-19 से संक्रमित नहीं पाए गए हैं।

दरबार यानि गांव की समिति सामाजिक मेलजोल से दूरी बनाए रखते हुए पृथक किये गए परिवारों को खुद ही भोजन, पानी और अन्य जरूरी सामान मुहैया करा रही है। साथ ही इस बात का भी ख्याल रखा जा रहा है कि कोई इन परिवारों पर लांछन न लगाए।

मुख्यमंत्री कोनराड ए संगमा ने भी इस पहल की तारीफ की है।

सुतिंग ने कहा, ''हमारे गांव में कोविड-19 रोगी के बारे में पता चलने पर हमें अपनी जिम्मेदारी का एहसास हुआ। हकीकत यह है कि 18 परिवारों को घरों में अलग रखने से अब हमारा गांव ही पृथक केन्द्र लगने लगा है।''

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(The above story first appeared on LatestLY on May 01, 2020 04:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).