देश की खबरें | विवरण में त्रुटि के कारण मेघालय के ग्रामीणों को 13 वर्षों से पीडीएस का लाभ नहीं मिल रहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मेघालय के साउथ वेस्ट खासी हिल्स जिले के 50 से अधिक परिवार वाले एक गांव को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत 13 वर्षों से अधिक समय से खाद्यान्न नहीं मिला है। स्थानीय विधायक रेनिकटन तोंगखार ने बुधवार को विधानसभा में यह दावा किया।

शिलांग, 29 अगस्त मेघालय के साउथ वेस्ट खासी हिल्स जिले के 50 से अधिक परिवार वाले एक गांव को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत 13 वर्षों से अधिक समय से खाद्यान्न नहीं मिला है। स्थानीय विधायक रेनिकटन तोंगखार ने बुधवार को विधानसभा में यह दावा किया।

तोंगखार ने एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान इस मुद्दे को उठाया और एक समाचार पत्र की खबर का हवाला दिया जिसमें बताया गया था कि किस प्रकार डोमटिनरोंग गांव के लोग एक दशक से अधिक समय से खाद्यान्न से वंचित हैं और उन्हें 20 वर्ष से अधिक समय से सरकारी योजनाओं से भी वंचित रखा गया है।

इसके जवाब में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री कॉमिंगोन यम्बोन ने इस मुद्दे को स्वीकार करते हुए बताया कि डोमटिनरोंग को 2011 की सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना (एसईसीसी) में हुई एक त्रुटि के कारण अनजाने में राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली से बाहर कर दिया गया था।

यम्बोन ने कहा, ‘‘वर्ष 2011 में डोमटिनरोंग गांव को गलती से निर्जन क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत कर दिया गया था, जिसके कारण इसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) लाभार्थी सूची से बाहर कर दिया गया था।’’

उन्होंने कहा कि एसईसीसी 2011 विवरण मेघालय के लिए आवंटित एनएफएसए के निश्चित लाभार्थियों की पहचान करने के लिए केंद्र के ‘डेटाबेस’ के रूप में कार्य करता है। राज्य में एनएफएसए के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 77.79 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों के लिए 50.87 प्रतिशत आबादी चिह्नित है।

मंत्री के अनुसार इस त्रुटि को सुधारने के प्रयास किए गए लेकिन भारत सरकार का कहना है कि ‘डेटाबेस’ में किसी भी विसंगति को केवल अगले एसईसीसी में ही हल किया जाएगा जो 2021 से लंबित है।

यम्बोन ने कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि इस रुकावट का डोमटिनरोंग के निवासियों पर बुरा प्रभाव पड़ा है, जिससे वे अपने उचित अधिकारों से वंचित हो गए हैं।’’ उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य बढ़ती आबादी की मांगों को पूरा करने के लिए खाद्यान्न आपूर्ति में वृद्धि की उम्मीद कर रहा है, जो 2023 में लगभग 38.16 लाख हो सकती है, जबकि 2011 के एसईसीसी में जनसंख्या 29.17 लाख दर्ज की गई थी।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार डोमटिनरोंग के ग्रामीणों जैसे छूटे हुए लाभार्थियों को समायोजित करने के लिए लाभान्वित सीमा को संशोधित करने पर पुनर्विचार करने के लिए केंद्र के साथ बातचीत जारी रखेगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Shubman Gill IPL Stats Against RCB: आईपीएल इतिहास में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ कुछ ऐसा रहा हैं शुभमन गिल का प्रदर्शन, आंकड़ों पर एक नजर

RCB vs GT, IPL 2026 34th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम गुजरात टाइटंस के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

Virat Kohli IPL Stats Against GT: आईपीएल इतिहास में गुजरात टाइटंस के खिलाफ कुछ ऐसा रहा हैं विराट कोहली का प्रदर्शन, ‘रन मशीन’ के आंकड़ों पर एक नजर

MI vs CSK, IPL 2026 33rd Match Scorecard: वानखेड़े स्टेडियम में चेन्नई सुपरकिंग्स ने मुंबई इंडियंस के सामने रखा 208 रनों का टारगेट, संजू सैमसन ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड