तिरुवनंतपुरम, 17 अगस्त केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कृषि क्षेत्र की समृद्धि के लिए व्यापक कार्य योजनाएं बनाने की आवश्यकता पर शनिवार को जोर दिया और लोगों से प्राकृतिक आपदाओं में अपना आश्रय और कृषि भूमि गंवाने वाले किसानों का सहयोग करने का आग्रह किया।
शनिवार को मलयालम नव वर्ष चिंगम की शुरुआत पर राज्य के लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कई किसानों ने वायनाड में हाल में हुए विनाशकारी भूस्खलन के दौरान अपनी जान, आजीविका और आश्रय स्थल गंवा दिए।
राज्य के लोगों द्वारा शुभ दिन माने जाने वाले चिंगम को दक्षिणी राज्य में किसानों द्वारा समाज को दी जाने वाली सेवाओं को मान्यता देने के लिए ‘किसान दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है।
उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम अब भी वायनाड में प्राकृतिक आपदा से लगे सदमे से बाहर नहीं आ पाए हैं। पीड़ितों में कई किसान भी हैं जिन्होंने भूस्खलन त्रासदी में अपनी आजीविका और परिजनों को खो दिया।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र की समृद्धि के लिए व्यापक कार्य योजना बनायी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘आइए चिंगम को उसके लिए एक अवसर बनाएं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘चिंगम हमें कृषि क्षेत्र के औद्योगिकीकरण को रोकने और समय के अनुरूप लोकप्रिय कृषि पद्धतियों को विकसित करने के लिए एक साथ खड़े होने की आवश्यकता की भी याद दिलाता है।’’
विजयन ने कहा कि राज्य में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विविध हस्तक्षेप कर रही है।
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