कोविड-19 के खिलाफ जीत प्राथमिकता, मंत्रिमंडल विस्तार पार्टी के साथ सलाह के बाद होगा : चौहान
वीडियो के जरिए जारी बयान में चौहान ने कहा, ''23 मार्च से लगातार कोरोना (वायरस संक्रमण) के खिलाफ युद्ध में हम लगे हुए हैं। सतर्कता के साथ पार्टी ने फैसला किया है कि फिलहाल इस लड़ाई को जीतना है। मंत्रिमंडल का विस्तार फिर थोड़े दिनों के बाद करेंगे। अब 14 तारीख को लॉकडाउन समाप्त नहीं होगा, एक चरण समाप्त होगा। आगे जैसी परिस्थितियां बनेंगी, पार्टी के साथ विचार विमर्श करके फैसला लेंगे।''
भोपाल, 13 अप्रैल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि फिलहाल कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के खिलाफ लड़ाई को जीतना ही हमारी प्राथमिकता है, मंत्रिमंडल का विस्तार कुछ वक्त बाद पार्टी से विचार—विमर्श करके होगा।
वीडियो के जरिए जारी बयान में चौहान ने कहा, ''23 मार्च से लगातार कोरोना (वायरस संक्रमण) के खिलाफ युद्ध में हम लगे हुए हैं। सतर्कता के साथ पार्टी ने फैसला किया है कि फिलहाल इस लड़ाई को जीतना है। मंत्रिमंडल का विस्तार फिर थोड़े दिनों के बाद करेंगे। अब 14 तारीख को लॉकडाउन समाप्त नहीं होगा, एक चरण समाप्त होगा। आगे जैसी परिस्थितियां बनेंगी, पार्टी के साथ विचार विमर्श करके फैसला लेंगे।''
मालूम हो कि चौहान अकेले ही अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस की महामारी से लड़ रहे हैं। उन्होंने अब तक अपने मंत्रिमंडल में एक भी मंत्री नहीं बनाया है। यहां तक की प्रदेश में इस संकट की घड़ी में स्वास्थ्य मंत्री भी नहीं है। इस पर कांग्रेस उनकी तीखी आलोचना कर इसे असंवैधानिक बता रहा है और इस सरकार को बर्खास्त कर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग कर रहा है।
चौहान ने कहा, ''इस संकट के समय ऐसी घटिया राजनीति होगी, इसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी। कमलनाथ ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में कहा है कि 12 फरवरी को राहुल गांधी ने चेता दिया था। तब कौन मुख्यमंत्री थे कमलनाथ जी? 12 फरवरी से लेकर 23 मार्च तक आप क्या करते रहे? कल तो तारीख भी भूल गये कि कब उन्होंने :कमलनाथ: इस्तीफा दिया था। तब 16 तारीख कह रहे थे। 16 को नहीं, उन्होंने 20 को :मुख्यमंत्री के पद से: इस्तीफा दिया था।''
उन्होंने कहा, ''और 23 मार्च तक कौन मुख्यमंत्री था? क्या वह :कमलनाथ: इतने स्वार्थी हो सकते हैं कि आगे मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, इसलिए आज काम करना बंद कर दें।’’
चौहान ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ पर कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए तैयारी नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा, ''समय पर तैयारियां बिलकुल नहीं की गई, समस्या को अनदेखा किया गया, आवश्यक व्यवस्थाएं जुटाई नहीं गई, जनता की चिंता की नहीं गई, क्योंकि जनता की सेवा करने के लिए जो तड़प होनी चाहिए, उस तड़प का अभाव था।''
उन्होंने कहा, ''मैंने 20 मार्च से 23 मार्च के बीच कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमलनाथ जी को फोन किया, उनको चेताया और उनसे कहा कि आवश्यक कदम उठाओ। ये बीमारी महामारी बन रही है। कौन जिम्मेदार है आखिर इंदौर में और भोपाल में इस महामारी के फैलने के लिए? इतने दिन तक आप क्या करते रहे? इसका उत्तर है कोई।''
चौहान ने आगे कहा, ''लेकिन आज आप केवल आरोप लगाएं, यह उचित नहीं है। जब 23 मार्च को मैंने मुख्यमंत्री पद संभाला, तब कोरोना (वायरस संक्रमण) की एक लैब में केवल सात जांच होते थी। इनको बढ़ाकर मैंने सात लैब कर दिये। 1,080 टेस्ट आज हम अपनी लैब में कर रहे हैं। लेकिन केवल अपनी लैब पर हम निर्भर नहीं हैं। 1700 टेस्ट के लिए विशेष विमान कल हमने दिल्ली भेजा। हम देश भर के बाकी लैब का भी उपयोग करेंगे। कई लैब हम लगातार खोलते जा रहे हैं।''
उन्होंने कहा, ''हमने टेस्टिंग किट का इंतजाम किया। पीपीई किट का इंतजाम नहीं था। आज स्थिति यह है कि 5,000 पीपीई किट हम रोज बना रहे हैं। दो—तीन दिन बाद यह संख्या 10,000 हो जाएगी। आज 63,000 पीपीई किट हमारे पास रखे हुए हैं।''
रावत
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2020 01:50 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

