विदेश की खबरें | द्विपक्षीय वार्ता, समझौते के बाद उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का गैबॉन दौरा समाप्त
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मध्य अफ्रीकी देश गैबॉन के अपने दौरे को ‘‘सार्थक’’ बताते हुए बुधवार को इसका समापन किया। उनकी इस यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा, स्वास्थ्य और औषधि सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत-गैबॉन के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए वार्ता हुई और समझौते किए गए।
लिबरेविले, एक जून उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मध्य अफ्रीकी देश गैबॉन के अपने दौरे को ‘‘सार्थक’’ बताते हुए बुधवार को इसका समापन किया। उनकी इस यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा, स्वास्थ्य और औषधि सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत-गैबॉन के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए वार्ता हुई और समझौते किए गए।
तीन देशों-गैबॉन, सेनेगल और कतर की अपनी यात्रा के पहले चरण में नायडू सोमवार को यहां पहुंचे थे। नायडू ने गैबॉन के शीर्ष नेतृत्व और कारोबारियों के साथ व्यापक बातचीत की तथा हरित ऊर्जा, सेवाओं, स्वास्थ्य और कृषि में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
उपराष्ट्रपति ने बुधवार को यहां गैबॉन विशेष आर्थिक क्षेत्र (जीएसईजेड) का दौरा किया और कारोबारी समुदाय से बातचीत की। जीएसईजेड में 50 से अधिक भारतीय कंपनियां मौजूद हैं। उपराष्ट्रपति कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘‘नायडू ने कारोबारियों से अनुभव और अपेक्षाओं पर चर्चा की तथा उनसे भारत-गैबॉन आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए काम करने का आह्वान किया।’’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ‘‘उपराष्ट्रपति ने द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, क्षमता निर्माण, स्वास्थ्य, औषधि समेत अन्य क्षेत्रों में भारत-गैबॉन सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।’’
नायडू ने मंगलवार को गैबॉन की प्रधानमंत्री रोज क्रिस्टियन ओसूका रापोंडा से मुलाकात की और उनसे प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस दौरान विकास, ऊर्जा, व्यापार, जलवायु सहित अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की गई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों पर विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संदर्भ में आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
बैठक के बाद, दोनों पक्षों ने एक संयुक्त आयोग और राजनयिकों के प्रशिक्षण की स्थापना के लिए दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। उपराष्ट्रपति नायडू और प्रधानमंत्री रापोंडा इस मौके पर मौजूद थे।
नायडू ने राष्ट्रपति अली बोंगो ओन्डिम्बा से भी मुलाकात की और गैबॉन के सामाजिक आर्थिक विकास का समर्थन करने और द्विपक्षीय, क्षेत्रीय तथा बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
नायडू ने विदेश मंत्री मोसा-अदामो से भी मुलाकात की और गैबॉन की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष फॉस्टिन बाउकोबी तथा सीनेट की अध्यक्ष लूसी मिलेबौ औबुसन के साथ एक संयुक्त बैठक की।
नायडू ने मंगलवार को ‘इंडिया-गैबॉन बिजनेस फोरम’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उद्योग जगत के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भारत, अफ्रीका के साथ अपने संबंधों को अत्यधिक प्राथमिकता देता है।’’
विदेश मंत्रालय ने ट्वीट करके बताया कि नायडू ने ‘‘हरित ऊर्जा, सेवाओं, स्वास्थ्य तथा कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में भारत-गैबॉन सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।’’ नायडू ने लिबरेविले में भारतीय समुदाय द्वारा आयोजित एक समारोह में भी शिरकत की।
मंत्रालय ने ट्वीट किया, ‘‘नायडू ने गैबॉन के विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए छोटे, लेकिन महत्वपूर्ण भारतीय प्रवासी समुदाय की सराहना की।’’
गैबॉन में करीब 800 भारतीय रहते हैं। वे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, व्यापार, लकड़ी और धातु ‘स्क्रैप’ के निर्यात जैसे काम करते हैं।
उपराष्ट्रपति ने इस बात को लेकर खुशी जाहिर की कि प्रमुख भारतीय त्योहार पूरे समुदाय द्वारा एक साथ मनाए जाते हैं। नायडू ने उनसे स्थानीय कानूनों और रीति-रिवाजों का सम्मान करने के साथ-साथ ‘‘सहभागिकता एवं देखभाल’’, अपने से बड़ों और प्रकृति का सम्मान करने के सदियों पुराने भारतीय मूल्यों को संजोए रखने का आह्वान भी किया।
वहीं, गैबॉन के राष्ट्रपति ओन्डिम्बा ने ट्वीट किया कि वह गैबॉन में भारत के उपराष्ट्रपति का स्वागत करके बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक अवसर, व्यापार करने का उचित माहौल और स्थिरता ऐसे कारक हैं जो गैबॉन को एक आकर्षक देश बनाते हैं।
ओन्डिम्बा के ट्वीट का जवाब देते हुए नायडू ने कहा, ‘‘भारत, गैबॉन की विकास गाथा में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रतिबद्ध है। हम बेहतर कल के लिए साथ मिलकर अपने आर्थिक सहयोग को बढ़ा सकते हैं।’’
गैबॉन की ‘सार्थक’ यात्रा के बाद उपराष्ट्रपति तीन देशों के अपने दौरे के तहत सेनेगल रवाना हो गए जहां वह राष्ट्रपति मेकी सॉल से प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। नायडू नेशनल असेंबली के अध्यक्ष मुस्तफा नियासे तथा अन्य गणमान्य लोगों से भी मुलाकात करेंगे।
भारत और सेनेगल इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। उपराष्ट्रपति की यात्रा का अंतिम पड़ाव कतर होगा, जहां वह चार से सात जून तक रहेंगे।
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