देश की खबरें | भाजपा की बिहार इकाई के उपाध्यक्ष को किया गया निलंबित, नेता ने किया पार्टी छोड़ने का दावा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कहा कि उसने अनुशासनहीनता के लिए अपने एक उपाध्यक्ष राजीब रंजन को निलंबित कर दिया है।

पटना, 30 दिसंबर बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कहा कि उसने अनुशासनहीनता के लिए अपने एक उपाध्यक्ष राजीब रंजन को निलंबित कर दिया है।

पार्टी ने राज्य इकाई के प्रमुख संजय जायसवाल द्वारा 29 दिसंबर को जारी एक पत्र साझा किया, जिसके तुरंत बाद रंजन ने दावा किया कि उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से ‘‘इस्तीफा’’ दे दिया है।

अपने पत्र में जायसवाल ने रंजन को मौखिक रूप से दी गई चेतावनियों की अनदेखी करते हुए पार्टी लाइन के विपरीत बयान देना जारी रखने के लिए फटकार भी लगाई।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश उपाध्यक्ष रहते हुए आपके द्वारा दिए गए बयान अशोभनीय हैं और पार्टी की प्रतिष्ठा पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। आपको आपके पद से मुक्त किया जाता है और छह साल के लिए पार्टी से निलंबित किया जाता है।’’

दिलचस्प बात यह है कि पार्टी ने शुक्रवार दोपहर तक इस पत्र को सार्वजनिक नहीं किया था। उसने इसे तब जारी करने का फैसला किया, जब रंजन ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि पार्टी ‘‘दलितों और ओबीसी के प्रति शत्रुतापूर्ण तत्वों से संक्रमित’’ हो गई है।

रंजन ने कहा, ‘‘पार्टी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'सबका साथ सबका विकास' के आह्वान से भटक गई है। बिहार में एजेंडा पटना केंद्रित हो गया है। मेरे पैतृक जिले नालंदा जैसे महत्वपूर्ण जिले पार्टी की प्राथमिकता सूची में शामिल नहीं हैं।’’

मुखर नेता के रूप में पहचान बनाने वाले रंजन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जनता दल (यूनाइटेड) के साथ रहे हैं और 2015 में भाजपा में शामिल होने से पहले लगातार दो बार इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

हाल ही में उन्होंने सारण जिले में जहरीली शराब त्रासदी के पीड़ितों को मुआवजे की मांग करने वाली भाजपा की मांग को खारिज करते हुए निजी स्तर पर एक बयान जारी किया था और अपनी पार्टी की फजीहत कराई थी।

इससे अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह मुख्यमंत्री के साथ सुलह करने के बारे में सोच रहे होंगे, जिन्होंने लगभग छह महीने पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का साथ छोड़कर महागठबंधन का दामन थाम लिया था।

पार्टी के अंदर का यह घमासान ऐसे समय में सामने आया है, जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा तीन जनवरी को प्रदेश के दौरे पर आने वाले हैं।

ब्रजेन्द्र

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