अमरावती(महाराष्ट्र), 15 जुलाई उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को यहां कहा कि कुछ ताकतें अंदरूनी संघर्ष को भड़का कर भारत की संप्रभुता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने की साजिश कर रही हैं। साथ ही, उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों की कुछ हालिया घटनाओं पर दुख व्यक्त किया।
अटुकुरु में ‘स्वर्ण भारत ट्रस्ट’ में प्रख्यात कवि दमराजू पुंडारीकक्षुडु की कृतियों पर एक पुस्तक का विमोचन करने के बाद उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘सोशल मीडिया पर हमारी संस्कृति को बदनाम करने वाले कुछ पोस्ट जाहिर तौर पर समाज के विभिन्न वर्गों में अशांति पैदा कर रहे हैं।’’
नायडू ने कहा, ‘‘यह भारतीयता नहीं है। यह स्वीकार्य नहीं है। सभी को इसका विरोध करना चाहिए और ऐसी चीजों को रोका जाना चाहिए। देश के लोगों को एकजुट होकर नापाक मंसूबों को पराजित करना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पीढ़ियों से धार्मिक सहिष्णुता हमारे दिलों में बसी हुई है। हमें इस भावना को आगे बढ़ाना चाहिए और एक शक्तिशाली भारत के निर्माण के प्रयासों का हिस्सा बनना चाहिए। हमें सामाजिक और आर्थिक सुधारों के माध्यम से एक नए भारत के निर्माण के लिए आगे बढ़ना चाहिए। लैंगिक भेदभाव को समाप्त करना हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।’’
उपराष्ट्रपति ने उन कई कवियों और लेखकों को याद किया, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपनी साहित्यिक रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रवाद की अलख जगाई और राष्ट्रवादी आंदोलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा, ‘‘उनके हर पत्र, हर नारे ने करोड़ों भारतीयों की आवाज को प्रतिध्वनित किया और उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।’’
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