देश की खबरें | उप राष्ट्रपति ने नेत्रदान को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में अभियान चलाने का आह्वान किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि नेत्रदान पर मिथकों और झूठी मान्यताओं को दूर करने तथा इस बारे में जागरुकता बढ़ाने लिए मशहूर हस्तियों को शामिल करके हर राज्य में स्थानीय भाषाओं में बड़े पैमाने पर मल्टीमीडिया अभियान शुरू करने की जरूरत है।

नयी दिल्ली, सात सितंबर उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि नेत्रदान पर मिथकों और झूठी मान्यताओं को दूर करने तथा इस बारे में जागरुकता बढ़ाने लिए मशहूर हस्तियों को शामिल करके हर राज्य में स्थानीय ओं में बड़े पैमाने पर मल्टीमीडिया अभियान शुरू करने की जरूरत है।

आधिकारिक बयान के अनुसार, उपराष्ट्रपति 36वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने ‘डोनर कॉर्निया टिश्यू’ की मांग और आपूर्ति के बीच भारी अंतर पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, ‘‘यह दुःखद है कि प्रत्यारोपण के लिए डोनर कॉर्निया टिश्यू की कमी के कारण बहुत सारे लोग ‘कॉर्नियल ब्लाइंडनेस’ से पीड़ित हैं। यह समय की मांग है कि लोगों में नेत्रदान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाए।’’

नायडू ने कहा, ‘‘उन लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए कि उनकी आंखें दान करने के नेक कार्य से कॉर्नियल ब्लाइंड लोगों को देखने में मदद मिलेगी जिससे वे इस सुंदर दुनिया को फिर से देख पाएंगे।’’

उनके मुताबिक, अगर हम सभी अपनी आंखें दान करने का संकल्प लें, तो ‘कॉर्नियल ट्रांसप्लांट’ की प्रतीक्षा कर रहे सभी रोगियों का इलाज किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, "हमारी संस्कृति एक ऐसी संस्कृति है जहां शिबी और दधीचि जैसे राजाओं और ऋषियों ने अपने शरीर दान किए थे। ये उदाहरण हमारे समाज के मूल मूल्यों, आदर्शों और संस्कारों के इर्द-गिर्द निर्मित हैं।"

उप राष्ट्रपति ने लोगों को प्रेरित करने और अंगदान को बढ़ावा देने के लिए उन मूल्यों और कहानियों को आधुनिक संदर्भ में फिर से परिभाषित करने का आह्वान किया।

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